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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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22 नव॰ 2018

राम भजन में मन रँगि गेलै लिरिक्स - am Bhajan Mein Man Rangi Gelai Lyrics

राम भजन में मन रँगि गेलै॥धु्रव॥

जनम-जनम के हियरा के काई।
एके लहरिया में बहि गेलै यार॥राम.॥

अब न सोहाबै ई जग के बजरिया।
मोरा लेखें सगरो उजरि गेलै यार॥राम.॥

पचरंग चोला सफल भेलै, अब मन।
राम मिलन लागि उमगि गेलै यार॥राम.॥

मोह-निसा में सूतल रहलौं।
अब मन हमरो जगि गेलै यार॥राम.॥

तीत विषय रस त्यागि ‘करीलवा’।
प्रभु-पद पंकज पगि गेलै यार॥राम.॥

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