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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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11 अग॰ 2022

दुल्हा धीरे धीरे चल ससुरारी गलियां लिरिक्स - Dulha dhire dhire chalo sasural galiyan lyrics

Dulha Dheere Dheere Chal Sasurari Lyrics

दुल्हा धीरे धीरे चल ससुरारी गलियां
दुल्हा धीरे धीरे चल ससुरारी गलियां
दुल्हा धीरे धीरे चल ससुरारी गलियां
तोहरा सेहरा पे सोहेला अनार कलियां
तोहरा सेहरा पे सोहेला अनार कलियां
दुल्हा धीरे धीरे चल 

अंखियां तोर निरखू रे दुल्हा कजरो ना रे
अंखियां तोर निरखू रे दुल्हा कजरो ना रे
मैया तोर बौराहिन बर परिछहू ना जाने रे 
दुल्हा कजरो ना रे
मुंहवा तोर निरखू रे दुल्हा पनवो ना रे
मुंहवा तोर निरखू रे दुल्हा पनवो ना रे
मैया तोर बौराहिन बर परिछहू ना जाने रे 
दुल्हा पनवो ना रे

ओरी तरे ओरी रे तरे बैठे बर रे नितिया
ओरी तरे ओरी रे तरे बैठे बर रे नितिया
हमरो कुसुम हो बेटी आंखि के रे पुतरिया
हमरो कुसुम हो बेटी आंखि के रे पुतरिया
दिनवा हरिल हो बेटी भुखि या रे पियसिया
रतिया हरिल हो बेटी बाबा आंखि रे निंदिया

पहिला भंवर जब घूमेली बहिनी तोहार
पहिला भंवर जब घूमेली बहिनी तोहार
दुसरा भंवर जब घूमेली सुहवा तोहार
दुसरा भंवर जब घूमेली सुहवा तोहार
लावा में रमना मनहर भैया बहिनी तोहार
लावा में रमना मनहर भैया बहिनी तोहार
अंगूठा धर रामा हो दुल्हा सुहवा तोहार
अंगूठा धर रामा हो दुल्हा सुहवा तोहार

बाबा बाबा पुकारेली बाबा ना बोलेले हो
बाबा बाबा पुकारेली बाबा ना बोलेले हो
बाबा के बलजोरी सेनुर बर डालेले हो
बाबा के बलजोरी सेनुर बर डालेले हो
बाबा हो धन लोभी त धनवे लोभाई गइले हो
बाबा हो धन लोभी त धनवे लोभाई गइले हो
धनवे के लोभे लोभाई गइले दूर देस पिया घर हो
धनवे के लोभे लोभाई गइले दूर देस पिया घर हो

बेटी चलली ससुरार हो छूटल अंगना दुआर
बाबा बिलखी रोये भैया बिलखी रोये
बाबा बिलखी रोये भैया बिलखी रोये
रोवे ले गाउंवा जवार हो छूटल अंगना दुआर
बेटी चलली ससुरार

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