बुधवार, 23 अगस्त 2023

एक तऽ हम धनि पातरि, दोसर गरभ संओ रे लिरिक्स - सोहर गीत

एक तऽ हम धनि पातरि, 
दोसर गरभ संओ रे
ललना रे, तेसर पिया केर दुलारि, 
दर्द कोना सहब रे

उठू-उठू नन्दो, दिया लेसू, 
बाबा के जगाबहु रे
बाबू यौ तोरो पुतहु दरदे बेयाकुल, 
दगरिन चाही रे

एहि बेर जँओ प्राण बांचत, 
देव सुख बूझब रे
ललना रे, फेरू ने करब एहन काज, 
पलंग भीर जायब रे

एहि अवसर पिया पबितहुँ, 
जुलफी पकड़ितहुँ रे
ललना रे, बन्हितहुँ चंपा फूल डाड़ि,
ताहि तर कहितहुँ रे

भेल भिनसर पह फाटल, 
होरिला जनम लेल रे
ललना रे, गाबय सब सोहर, 
कि ननदो बधैया माँगय रे


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