अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
21 मार्च 2014
Home
/
Maithili Kavita
/
Nagaarjun Yatri Ji
/
Patraheen Nagan Gachh
/
गए नूनू! - वैद्यनाथ मिश्र यात्री
गए नूनू! - वैद्यनाथ मिश्र यात्री
आथ पर उत्तुँग खोपा...
तपोवनी स्टाईलमे बान्हल...
आ’ ताहिमेँ लपेटल चम्पाफूलक माला...
गए नूनू!
ककर ककर प्राण लेवहो तोँ आइ?
हमर कोँढ़ करेज कपइए
थर थर थर थर, थर थर थर थर।
वयोवृद्ध तटस्थ तपस्वीलोकनिक
अहिना दलकल हे इन छाती
मदन-दीन -दिवसक पहिलुका उखड़ामे
किशोरी नगनन्दिनीक रंग-ताल देखि
उठल हेतइन कचोट...
अधटित घटन - संम्भावना - दोलित चित्त
काँपल हेतइन कोँढ़
थर थर थर थर, थर थर थर थर
गए नूनू, नेना नइ बहरो!
शेयर करू
नव पोस्ट
⏳
पुरान पोस्ट
⏳
https://mithiladharohar.blogspot.com/2025/12/aajuk-mahakarunik-budh-kavita.html
https://mithiladharohar.blogspot.com/2025/12/pita-putr-samwad-kavita.html
❤ अहाँक इहो पसंद आयत:
⏳
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !