बुधवार, 8 मार्च 2017

जखन जनक हर धयलनि वरद टोकारल रे लिरिक्स - सीता जन्म सोहर गीत

Jakhan Janam Har Dhyalni Varad Tokaaral

जखन जनक हर धयलनि वरद टोकारल रे 
ललना, महिसुर सुनि महिछेदन मंत्र उचारल रे 

गगन मगन सुरवृन्द सुमन बरसाओल रे 
विधि-हरि-हर सभ वेद सुमंगल गाओल रे 

उठल सघन घनघोर गगन घहरायल रे 
बिजुरी कड़क सुनि कान नयन चोन्हरायल रे 

हरतर देखि नव ज्योति जनक झुकि ताकल रे 
लतिकासिनेह के स्नेह नयन मन थाकल रे

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !