...
🌺🌸
✨ आगामी त्यौहार
मधुश्रावणी
📅 अगस्त 2026
और पढ़ें »
📢
आब मेनू के बहुत सरल बना देलगेल अछि, ऊपर में बांया कात तीन लाइन पर क्लिक क अपन पसन्दक सामग्री देखी-पढ़ी सकय छी।

24 सित॰ 2015

पड़ल छी छगुनतामेँ - वैद्यनाथ मिश्र यात्री


की कहब हजूर
की कहब मालिक
पड़ल छी भारी छगन्तामें
चोटि गेल कोन धून कोढ़ ओ करेजकें
लगइछ छलिअइ पहिने
तिन तिन शए बोरा अही पीठ पर
आब मुदा मोशकिस सँ
लादि होइए शए शबा शए बोरा
दूनू उखड़ा मिला कँए...
की कहब हजूर!
की कहब मालिक!
पड़ल छी भारी छगुन्तामें
लगइए अजगुत अपनो
खा नइ होइए
पा भरि चाउरक भात
रूचि गेल ए नश्ट
पानि टा पिबइ छिअइ
ढकर ढकर दश खेप
झाजीक हुकुम छइन-
बौलट के ऊधए दहुन
आधा - छीधा हलुकाही बोरा
झाजीक प्रतापेँ जाइ छी खेपने
जिन्दाबाद सरकारी गोदाम!
जिन्दाबाद सरकार बहादुर!

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !

🎵 मैथिली लिरिक्स और देखें »
🪔 पावनि-तिहार और देखें »