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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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5 दिस॰ 2025

तोरा अंखियो निरखु रे दुल्हा लीरिक्स - Tora Ankhiyo Nirekhu Re Dulha Lyrics

Tora Ankhiyon Nirekhu Re Dulha Lyrics 

तोरा अंखियो निरखु रे दुल्हा कजरो ना रे
तोरा अंखियो निरखु रे दुल्हा कजरो ना रे
मइया तोर बौराहि रे दुल्हा
मइया तोर बौराहि रे दुल्हा
कजर बिनु अइले रे दुल्हा रे
तोरा मुंहवो निरखु रे दुल्हा पनवो ना रे
तोरा मुंहवो निरखु रे दुल्हा पनवो ना रे
बहिनी तोर खेलाड़ी रे दुल्हा 
बहिनी तोर खेलाड़ी रे दुल्हा 
जमइयो लेके भागल रे दुल्हा रे
तोरा अंखियो निरखु रे दुल्हा कजरो ना रे
तोरा अंखियो निरखु रे दुल्हा कजरो ना रे

अइसन सुंदर वर 
अइसन सुंदर वर कबहुं ना देखली लाल
कइसे मैं परिछु दमाद अलबेलवा लाल
कइसे मैं परिछु दमाद अलबेलवा लाल
चंदन लीलार शोभे 
चंदन लीलार शोभे माथे मनि मोरिया लाल
कइसे मैं परिछु दमाद अलबेलवा लाल
कइसे मैं परिछु दमाद अलबेलवा लाल
कइसे मैं परिछु 

कान में कुंडल शोभे 
कान में कुंडल शोभे अंग शोभे जोड़वा लाल
कइसे मैं परिछु दमाद अलबेलवा लाल
कइसे मैं परिछु दमाद अलबेलवा लाल
चलनी के चालल दुल्हा 
चलनी के चालल दुल्हा सूप के फटकारल लाल
कइसे मैं परिछु दमाद अलबेलवा लाल
कइसे मैं परिछु दमाद अलबेलवा लाल
कइसे मैं परिछु 

सासुजी के अंखियां
सासुजी के अंखियां लागल मधुमछिया लाल
देखहुं ना पवली दमाद अलबेलवा लाल
देखहुं ना पवली दमाद अलबेलवा लाल
छोट चूंकी सास बाड़ी 
छोट चूंकी सास बाड़ी लमहर दमदवा लाल
मथवा झुकाईं बबुआ परिछब लीलरवा लाल
मथवा झुकाईं बबुआ परिछब लीलरवा लाल
मथवा झुकाईं बबुआ परिछब लीलरवा लाल
मथवा झुकाईं बबुआ परिछब लीलरवा लाल
मथवा झुकाईं बबुआ

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