सोमवार, 26 जनवरी 2026

गे माई देख कने तु नजैर उठा के बैसल छी आस लगाय लिरिक्स - Maiya Dekh Najair Utha Ke Lyrics

गे माय देख कने तु नजैर उठा क 
बैसल छी आस लगाय
गे माय देख कने तु नजैर उठा क 
बैसल छी आस लगाय
बैसल छी आस लगाय गे माई,
बैसल छी आस लगाय,
गे माय राख अपन तू हृदय लगा क
बैसल छी आस लगाय

लाले बिंदिया लाल चुनरिया 
लाल छै सेनुर सजाय,
मुख पर पसरल चंद्र किरणीयाँ
देलक तिमिर मिटाय
गे माय हाथ मे चमकौ सोन कंगनवां
ताकय छी सुधि बिसराय
गे माय हाथ मे चमकौ जे सोन कंगनवां
ताकय छी सुधि बिसराय

खूट पकड़ी मां करब निहोरा
लेबौ तोरा हम मनाय
रहबय कतेक तु रुसल मैया
तेखबे भैर मुस्काय
गे माय रूप अनूप संग ममता भरल मन
रहै छी अहिं मे ओझराय
गे माय रूप अनूप संग ममता भरल मन
रहै छी अहिं मे ओझराय
गे माय देख कने तु नजैर उठा क 
बैसल छी आस लगाय
गे माय राख अपन तू हृदय लगा क
बैसल छी आस लगाय

गायक: अमित झा, अन्वेषा झा
गीत: आशुतोष मिश्रा 'अज़ल'

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