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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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8 फ़र॰ 2026

Nihur Nihur Ke Rope Bahina Lyrics - निहुर निहुर के रोपे बहिना लिरिक्स

निहुर निहुर के रोपे बहिना जोन बोनिहारन धान गे-2
गिरहथबा लग होय छै बहिना बैस आईर पर पान गे-2
निहुर निहुर के रोपे बहिना जोन बोनिहारन धान गे-2
गिरहथबा लग होय छै बहिना बैस आईर पर पान गे-2

खुच्चू बाबू आबि रहल छैथ छड़ी घुमा क बाध मे -2
पाछु मे मंचनमा नोकर नेने आंटी हाथ मे-2
आशी वाली गाबि रहल छै प्रेम सं बड़का गान
गिरहथबा लग होय छै बहिना बैस आईर पर पान गे-2
निहुर निहुर के रोपे बहिना जोन बोनिहारन धान गे-2
गिरहथबा लग होय छै बहिना बैस आईर पर पान गे-2

रिम झिम बरसे बरषा रानी झींगुर झन झन गाबै छै -2
हरियर नुआ पहिर खेत सब ता ता थैया नाचै छै -2
घोग तौर सं दै छै कनियाँ चौअनियाँ मुस्कान गे
गिरहथबा लग होय छै बहिना बैस आईर पर पान गे-2
निहुर निहुर के रोपे बहिना जोन बोनिहारन धान गे-2
गिरहथबा लग होय छै बहिना बैस आईर पर पान गे-2

छमकी छौड़ी छमैक छमैक कऽ जलखै लेने आबय छै-2
खोगसा बाली सबसं पहिले कोना पाइह लगाबै छै-2
उमरल पोखैर में देखय छी शुभ सन पात मखान गे
गिरहथबा लग होय छै बहिना बैस आईर पर पान गे-2
निहुर निहुर के रोपे बहिना जोन बोनिहारन धान गे-2
गिरहथबा लग होय छै बहिना बैस आईर पर पान गे-2

स्वर: सुरेश पंकज, गीतकार: नवल नन्द

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