रविवार, 8 फ़रवरी 2026

Nihur Nihur Ke Rope Bahina Lyrics - निहुर निहुर के रोपे बहिना लिरिक्स

निहुर निहुर के रोपे बहिना जोन बोनिहारन धान गे-2
गिरहथबा लग होय छै बहिना बैस आईर पर पान गे-2
निहुर निहुर के रोपे बहिना जोन बोनिहारन धान गे-2
गिरहथबा लग होय छै बहिना बैस आईर पर पान गे-2

खुच्चू बाबू आबि रहल छैथ छड़ी घुमा क बाध मे -2
पाछु मे मंचनमा नोकर नेने आंटी हाथ मे-2
आशी वाली गाबि रहल छै प्रेम सं बड़का गान
गिरहथबा लग होय छै बहिना बैस आईर पर पान गे-2
निहुर निहुर के रोपे बहिना जोन बोनिहारन धान गे-2
गिरहथबा लग होय छै बहिना बैस आईर पर पान गे-2

रिम झिम बरसे बरषा रानी झींगुर झन झन गाबै छै -2
हरियर नुआ पहिर खेत सब ता ता थैया नाचै छै -2
घोग तौर सं दै छै कनियाँ चौअनियाँ मुस्कान गे
गिरहथबा लग होय छै बहिना बैस आईर पर पान गे-2
निहुर निहुर के रोपे बहिना जोन बोनिहारन धान गे-2
गिरहथबा लग होय छै बहिना बैस आईर पर पान गे-2

छमकी छौड़ी छमैक छमैक कऽ जलखै लेने आबय छै-2
खोगसा बाली सबसं पहिले कोना पाइह लगाबै छै-2
उमरल पोखैर में देखय छी शुभ सन पात मखान गे
गिरहथबा लग होय छै बहिना बैस आईर पर पान गे-2
निहुर निहुर के रोपे बहिना जोन बोनिहारन धान गे-2
गिरहथबा लग होय छै बहिना बैस आईर पर पान गे-2

स्वर: सुरेश पंकज, गीतकार: नवल नन्द

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