अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
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8 फ़र॰ 2026
Maithili Chahatgar Geet
Padhiyo Ne Gaari Ahan Dulha Ke Lyrics
पढ़ियो ने गारी अहाँ दूल्हा के
पढ़ियो ने गारी अहाँ दूल्हा के
हो हो दूल्हा के, अहाँ दूल्हा के
दूल्हा बड़ा जेंटिल -2
पढ़ियो ने गारी अहाँ दूल्हा के
पढ़ियो ने गारी अहाँ दूल्हा के
हो हो दूल्हा के, अहाँ दूल्हा के
दूल्हा बड़ा जेंटिल -2
मंगनी नै चंगगनी दामी समान छैन
करता की हिनकर बाप अगुरबान छैन
मंगनी नै चंगगनी दामी समान छैन
करता की हिनकर बाप अगुरबान छैन
मामी के बऽर केहन छै हरामी -2
दूल्हा बड़ा जेंटिल -2
पढ़ियो ने गारी अहाँ दूल्हा के
पढ़ियो ने गारी अहाँ दूल्हा के
हो हो दूल्हा के, अहाँ दूल्हा के
दूल्हा बड़ा जेंटिल -2
मानी सन माथ छैन ढ़ेपा पिता जी
चोइर केलैन नाना तऽ भऽ गेल बाबाजी
मानी सन माथ छैन ढ़ेपा पिता जी
चोइर केलैन नाना तऽ भऽ गेल बाबाजी
कारी बहिन के करेजो छै कारी
कारी बहिन के करेजो छै कारी
दूल्हा बड़ा जेंटिल -2
पढ़ियो ने गारी अहाँ दूल्हा के
पढ़ियो ने गारी अहाँ दूल्हा के
हो हो दूल्हा के, अहाँ दूल्हा के
दूल्हा बड़ा जेंटिल -2
लोहिया के दूध जँका मौसी उधियाय छैन
काका कनेबा में मौसा कसाय छैन
लोहिया के दूध जँका मौसी उधियाय छैन
काका कनेबा में मौसा कसाय छैन
घर घर लगौलन दहेजक पसारी
घर घर लगौलन दहेजक पसारी
दूल्हा बड़ा जेंटिल -2
पढ़ियो ने गारी अहाँ दूल्हा के
पढ़ियो ने गारी अहाँ दूल्हा के
हो हो दूल्हा के, अहाँ दूल्हा के
दूल्हा बड़ा जेंटिल -2
गायक - सुरेश पंकज
गीतकार - नवल नन्द
Maithili Chahatgar Geet
निहुर निहुर के रोपे बहिना जोन बोनिहारन धान गे-2
गिरहथबा लग होय छै बहिना बैस आईर पर पान गे-2
निहुर निहुर के रोपे बहिना जोन बोनिहारन धान गे-2
गिरहथबा लग होय छै बहिना बैस आईर पर पान गे-2
खुच्चू बाबू आबि रहल छैथ छड़ी घुमा क बाध मे -2
पाछु मे मंचनमा नोकर नेने आंटी हाथ मे-2
आशी वाली गाबि रहल छै प्रेम सं बड़का गान
गिरहथबा लग होय छै बहिना बैस आईर पर पान गे-2
निहुर निहुर के रोपे बहिना जोन बोनिहारन धान गे-2
गिरहथबा लग होय छै बहिना बैस आईर पर पान गे-2
रिम झिम बरसे बरषा रानी झींगुर झन झन गाबै छै -2
हरियर नुआ पहिर खेत सब ता ता थैया नाचै छै -2
घोग तौर सं दै छै कनियाँ चौअनियाँ मुस्कान गे
गिरहथबा लग होय छै बहिना बैस आईर पर पान गे-2
निहुर निहुर के रोपे बहिना जोन बोनिहारन धान गे-2
गिरहथबा लग होय छै बहिना बैस आईर पर पान गे-2
छमकी छौड़ी छमैक छमैक कऽ जलखै लेने आबय छै-2
खोगसा बाली सबसं पहिले कोना पाइह लगाबै छै-2
उमरल पोखैर में देखय छी शुभ सन पात मखान गे
गिरहथबा लग होय छै बहिना बैस आईर पर पान गे-2
निहुर निहुर के रोपे बहिना जोन बोनिहारन धान गे-2
गिरहथबा लग होय छै बहिना बैस आईर पर पान गे-2
स्वर: सुरेश पंकज, गीतकार: नवल नन्द