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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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13 फ़र॰ 2025

अहाँ पर सं नजरि ने हटैये लीरिक्स - Najair Nai Hataiye Lyrics

दोसर ककरो कोना हम ताकी,
दोसर ककरो कोना हम ताकी,
अहाँ पर सं,
यै अहाँ पर सं नजरि ने हटैये 
दोसर ककरो कोना हम ताकी,
अहाँ पर सं नजरि ने हटैये 
जहिया स देखलौं ये सजनी अहां के,
राति नै हम्मर कटईये,
अपन धड़कन,
अपन धड़कन अहाँ के सुनाबी,
नाम आहीं के साजन रटैये,
अपन धड़कन आहां के सुनाबी,
नाम आहीं के साजन रटैये…..

प्रीतक लगेलौं तेहेन ये बिमारी ,
नै दिन कटईये अई राइतो इ भारी,
प्रीतक लगेलौं तेहेन ये बिमारी ,
नै दिन कटईये अई राइतो इ भारी,
हमहू जरै छी यौ प्रेमक अगन में,
विचरैत रहै छी यौ स्वपनक गगन में,
कोयली कुहके,
कोयली कुहके जखन आहां बाजी,
कोयली कुहके जखन आहां बाजी,
फूल देखिते आहां के फूलायिये,
कोयली कुहके जखन आहां बाजी,
फूल देखिते आहां के फूलायिये…..

हाथ में आहां के हाथ जे रहतै,
कक्कर मजाल छै हमरा की कहतै,
हाथ में आहां के हाथ जे रहतै,
कक्कर मजाल छै हमरा की कहतै,
हमरो इ वादा अई हाथ नै छूटत,
सातो जनम तक साथ नै छूटत,
दोसर ककरो,
दोसर ककरो कोना दिल में राखी,
दोसर ककरो कोना दिल में राखी,
अहां छोड़ि क कियौ ने जचैये,
दोसर ककरो कोना दिल में राखी,
अहां छोड़ि क कियौ ने जचैये,
दोसर ककरो कोना हम ताकी,
अहां पर स नजरि ने हटैये.

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