अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
30 मई 2018
हे महरानी सिया काली के महिमा अगम अपार लिरिक्स
हे महरानी सिया, काली के महिमा अगम अपार
गंगा यमुनासँ माटि मंगायब, हे महरानी सिया
ऊँच कए पीड़िया बनायब, हे महरानी सिया
कौने फूल ओढ़न सिया, कौने फूल पहिरन
कौने फूल माता के शृंगार, हे महरानी सिया
बेली फूल ओढ़न माँ के, चमेली फूल पहिरन
अड़हुल फूल माँ के शृंगार, हे महरानी सिया
पहिरि ओढ़िए काली ठाढ़ि भेली गहबर
सूर्यक ज्योति मलीन, हे महरानी सिया
महिमा अगम अपार, हे महरानी सिया
भनइ विद्यापति सुनू माता कालिका
सेवक पर होइअउ ने सहाय, हे महरानी सिया
शेयर करू
नव पोस्ट
⏳
पुरान पोस्ट
⏳
https://mithiladharohar.blogspot.com/2018/06/girija-than-harlakhi-phulhar.html
https://mithiladharohar.blogspot.com/2018/05/laba-bhujay-kaal-maithili-lokgeet.html
❤ अहाँक इहो पसंद आयत:
⏳
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !