अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
29 जुल॰ 2014
झिलमिल साड़ी के रेशमी किनारी रे लिरिक्स - डहकन गीत
झिलमिल साड़ी के रेशमी किनारी रे
चउपेतल साड़ी
सेहो साड़ी पहिरथु फल्लाँ छिनरिया
पहिरि ओढ़िए गली ठाढ़ी रे
घोड़बा चढ़ल अबथिन फल्लाँ रसिकबा
आइ किए गलियामे ठाढ़ी रे
चउपेतल साड़ी
ठाढ़ि तऽ ठाढ़ि रसिया अपन गलिया
तोहरो जीह किए तरसउ रे
चउपेतल साड़ी
सौंसे बदन छिनरो गोरी-भरी रे
तरक सुगबा किए ठाढ़ि-कारी रे
चउपेतल साड़ी
झिलमिल साड़ी के रेशमी किनारी रे
चउपेतल साड़ी
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