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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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✨ मधुश्रावणी
मधुश्रावणी व्रत कथा संग्रह पूजा बिधि विधान सहित
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1 अप्रैल 2022

मधुश्रावणी व्रत एगारहम दिनक कथा

संध्याक विवाह आ लीलीक जन्म
हिमालयक पाँचम बेटी संध्या भेलथिन । ओ गौरी सँ छोटि रहथिन । तथापि गौरीक विवाहमे ओ महादेव सँ हिलि-मिलि गेल रहथि । महादेव हुनका बड़ मानैत रहथिन्ह । जखन संध्या विवाह योग्य भेलीह तऽ महादेव हुनका सँ विवाह करबा लेल गौरी सँ चोरा कय गेलाह । गौरी महादेवकें नहि देखि चिन्तित भेलीह । ओ हुनका तकने फिरथि मुदा महादेव कतहु नहि भेटलथिन । गौरीकें पता लगलनि जे महादेव संध्या सँ विवाह करबा लए गेल छथि । गौरी शोकातुर भए गेलीह । ओ कानए लगलीह । कनैत-कनैत शरीर सँ घाम चलय लगलनि । घाम चलला सँ देह सँ मैल छुटय लगलनि । सब मैलकें गौरी जमा कयलनि आ' एकटा साँपक आकार बनाए ओकरा बीच बाट पर राखि देलनि । जखन महादेव विवाह क' क' घुरलाह, त' देखैत छथि जे गौरी हबो ढकार भए कानि रहल छथि आ' बाट पर मैलक साँप राखल छैक । ओ ओहि मैलक साँपमे प्राण दए देल । ओ साँप लहलहाए लागल। महादेव गौरी सँ कहलनि-"अहाँ किएक कनैत छी ? ई साँप अहाँक बेटी थीक। एकरहि खेलएबा लेल हम एकटा कनियाँ आनल अछि ।" गौरी ई कथा सुनि भभाकय हँसय लगलीह । ओहि साँपक नाम लीली राखल गेल।


लीलीक विवाह
नाहर नामक एक राजा ओ ताँती नामक रानी रहथि । हुनका एक सय बेटा रहनि बैरसी जेठ ओ चनाइ हुनका सँ छोट बेटा रहथिन । बैरसी नौकरी लेल महादेवक ओतय गेलाह । महादेवकें एकटा बेटी लीली रहथिन । हुनका एकटा नोकरक खगता रहनि । महादेव बैरसीकें नोकर राखि लेलनि । एक दिन महादेव बैरसीसँ कहलनि-"लीलीकें धर्मकुण्डमे स्नान करा देबनि आ सोहाग कुण्डमे अंगूठा डूबा देबनि ।" बैसरीकें सुनबामे धोखा भेलनि । ओ उलटे कए देलथिन। धर्मकुण्डमे अंगूठा बोरा देलथिन आ सोहाग कुण्डमे नहा देलथिन । तें हेतु लीलीकें सोहाग तऽ बड़ पैघ भेलनि मुदा धर्मक लेशमात्र नहि रहलनि । लीली विवाह करबा योग्य भेलीह । बर तकाए लागल लीली जखन सुनलनि तऽ ओ कहलनि, हमरा लेल वर तकबाक काज नहि, हम बैरसी सँ विवाह करब । बैरसीक विवाह लीलीसँ भेलनि ।

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