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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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17 मार्च 2023

Bam Bam Bhairo Ho Bhopal Lyrics | बम-बम भैरो हो भोपाल लिरिक्स

बम-बम भैरव हो भोपाल - मैथिली नचारी गीत लिरिक्स
Bum Bum Bhairav Ho Bhopal Song Lyrics

बम-बम भैरो हो भोपाल - 2
अपनी नगरिया भोला,
अपनी नगरिया भोला खेबि लगाबऽ पार
बम-बम भैरो हो भोपाल - 2

हाथी चलै, घोड़ा चलै, पड़ै निशाच - 2
बाबा के कमरथुआ चलै, बाबा के कमरथुआ चलै, 
मचै घमसान, बम-बम भैरो हो भोपाल ।

कथी केर नाव-नवेरिया, कथी करूआर - 2
कोने लाला खेबनहारा, कोने लाला खेबनहारा, 
के उतारे पार, बम-बम भैरो हो भोपाल ।

सोने केर नाव-नवरिया, रूपा करूआर
भैरो लाला खेबनहारा, भैरो लाला खेबनहारा,
भोला उतारे पार, बम-बम भैरो हो भोपाल ।

कथी केर माल खजाना, कथी के केवार - 2
कोन वस्तु के गुगुल चढ़त है, कोन वस्तु के गुगुल चढ़त है, 
बाबा के दरबार, बम-बम भैरो हो भोपाल ।

गंगा जल के माल खजाना, पंकज के केवार - 2
अगर गुगुल के धूप जरतु है, अगर गुगुल के धूप जरतु है, 
बाबा के दरबार, बम-बम भैरो हो भोपाल ।

छोटे-मोटे भैरो लाला हाथी मे गुलेल - 2
डमरू के दोगे-दोगे, शशिया के दोगे-दोगे,
करे अटखेल, बम-बम भैरो हो भोपाल ।

जँ तोहें भैरो लाला खेबि लगायब पार - 2 
मोतीचूर के लडुआहो, मोतीचूर के लडुआहो,
चढे'बऽ परसाद, बम-बम भैरो हो भोपाल ।

अपनी नगरिया भोला,
अपनी नगरिया भोला खेबि लगाबऽ पार
बम-बम भैरो हो भोपाल - 3

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