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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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6 अप्रैल 2023

उजरल घर मैया अहाँ बसाबै छी लिरिक्स - Ujral Ghar Maiya Aaha Basabai Chhi Lyrics

Ujral Ghar Maiya Aaha Lyrics in Hindi

Ujaral Ghar Maiya is Maithili Bhagwati Geet Lyrics Sung By Poonam Mishra. 

उजरल घर मैया अहाँ बसाबै छी - 2
हमरा किया मैया घर सं भगबै छी - 2
उजरल घर मैया अहाँ बसाबै छी - 2
हमरा किया मैया घर सं भगाबै छी - 2

एकटा महल मैया हमहू बनोलियै,
सपना जेना सब रंग में सजोलियै,
एकटा महल मैया हमहू बनोलियै,
सपना जेना सब रंग में सजोलियै,
एक ज्ञान के रे दिप किया नै जराबै छी - 2
हमरा किया मैया घर सं भगाबै छी - 2

मानल कपूत हम छी त अहि के,
तेजब अहिं माँ नै रहब कही के,
मानल कपूत हम छी तऽ अहि के,
तेजब अहिं माँ नै रहब कही के,
आँचर आसीस मैया किया नै बरहाबै छी - 2
हमरा किया मैया घर सं भगाबै छी - 2

अहाँ बरु छोरु माँ हम नै छोरब हे,
पराने के राइत हेतइ जो मुँह मोरब हे
अहाँ बरु छोरु माँ हम नै छोरब हे,
प्रणे की राइख हेतै जँ मुँह मोरब हे
अंगूर पकैर किया लग नै बजाबै छी -2
हमरा किया मैया घर सं भगाबै छी - 2

उजरल घर मैया अहाँ बसाबै छी - 2
हमरा किया मैया घर सं भगाबै छी - 4

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