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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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17 दिस॰ 2021

अम्बे अम्बे जय जगदम्बे लिरिक्स - Ambe Ambe Jai Jagdambe Lyrics

अम्बे अम्बे जय जगदम्बे, जय जयकार करै छी हे
अम्बे अम्बे जय जगदम्बे, जय जयकार करै छी हे
जय जयकार करै छी अम्बे, जय जयकार करै छी हे
जय जयकार करै छी अम्बे, जय जयकार करै छी हे
अम्बे अम्बे जय जगदम्बे, जय जयकार करै छी हे
अम्बे अम्बे जय जगदम्बे

तीन भुवन के माय अहाँ छी, तीन नयन सं तकै छी हे 
तीन भुवन के माय अहाँ छी, तीन नयन सं तकै छी हे 
तीन भुवन के मातु अहाँ छी, तीन नयन सं तकै छी हे 
अम्बे अम्बे जय जगदम्बे, जय जयकार करै छी हे
अम्बे अम्बे जय जगदम्बे, जय जयकार करै छी हे
अम्बे अम्बे जय जगदम्बे

भूत प्रेत सब झालि बजावैं, योगिन के नचबै छी हे
भूत प्रेत सब झालि बजावैं, योगिन के नचबै छी हे
भूत प्रेत सब झालि बजावैं, योगिन के नचबै छी हे
अम्बे अम्बे जय जगदम्बे, जय जयकार करै छी हे
अम्बे अम्बे जय जगदम्बे, जय जयकार करै छी हे
अम्बे अम्बे जय जगदम्बे, 

राक्षस के संहार करै छी, दुनिया के जूडबै छी हे
राक्षस के संहार करै छी, दुनिया के जूडबै छी हे
राक्षस के संहार करै छी, दुनिया के जूडबै छी हे
अम्बे अम्बे जय जगदम्बे, जय जयकार करै छी हे
अम्बे अम्बे जय जगदम्बे, जय जयकार करै छी हे
अम्बे अम्बे जय जगदम्बे, जय जयकार करै छी हे

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