अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
17 अग॰ 2016
Home
/
Maithili Kirtan Geet
/
Maithili Lokgeet
/
Maithili Song Lyrics
/
देखलहुँ ने सुनलहुँ जमाय हे लिरिक्स - मैथिली कीर्तन
देखलहुँ ने सुनलहुँ जमाय हे लिरिक्स - मैथिली कीर्तन
देखलहुँ ने सुनलहुँ जमाय हे, मिथिलापुर बसि कऽ
गोर लागू पैंया पडू़ सिया के सजनमा
इहो मांग दिअ सिनुराय हे, हमरो घर चलि कऽ
माता के तेजब पिता के तेजब
तेजब हम घर द्वार हे, तोहरो संग चलि कऽ
प्रेम वचन सुनि बोले ब्रजनन्दन
द्वापर रचायब रास हे, वृन्दावन बसि कऽ
ऐसो किओ जबहिं मुसहरनी
ब्रज मे भेली गुवालिन हे, ठाकुर जन कहि कऽ
शेयर करू
नव पोस्ट
⏳
पुरान पोस्ट
⏳
https://mithiladharohar.blogspot.com/2016/08/blog-post.html
https://mithiladharohar.blogspot.com/2016/08/blog-post_17.html
❤ अहाँक इहो पसंद आयत:
⏳
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !