अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
4 फ़र॰ 2015
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पानक जड़िया सँ निकलल बिड़िया लिरिक्स - बरियाती लोकगीत
पानक जड़िया सँ निकलल बिड़िया लिरिक्स - बरियाती लोकगीत
Paank Jadiya Sa Nikalal Bidiya Lyrics
पानक जड़िया सँ निकलल बिड़िया
घरघर पड़ल हकार हे
किनिकर बगिया एतेक दल उभरल
के साजल बरिआत हे
समधिक बगिया एतेक दल उभरल
बाबा साजल बरिआत हे
जब बरिअतिया नगर सँओ बहार भेल
नउआ घोड़ा नेने ठाढ़ हे
देबउ रे नउआ सोना के घोड़बा
गउरी गवन हम जायब हे
जब बरिअतिया दरबज्जा बिचे आयल
चेरिया कलश नेने ठाढ़ि हे
देबउ गे चेरिया सोना के गेरूलिया
जखन कोबर घर जायब हे
पिताजी के नाम कहू वर सुन्दर
तखन कोबर घर जायब हे
पिताजी के नाम राजा दशरथजी
माय कौशल्या रानी हे
हुनको सींथ सिनूर बड़ शोभय
चेरिया चौड़ डोलाय हे
जबे बरिअतिया कोबर बीच आयल
सारि छेकल दुआरि हे
अपन बहिन बहिनोइया हमरो दय दीअ
तखन कोबर घर जायब हे
हमरो के कुल बहिन नहि जनमल
राम लखन दुइ भाइ हे
सेहो जे भाई संगे चलि आयल
सरहोजि मांगय इनाम हे
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