अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
13 जून 2015
Home
/
Kohbar Geet
/
Maithili Lokgeet
/
Maithili Song Lyrics
/
सूतल छलिऐ हे प्रभु, एके रे पलंग पर लिरिक्स - कोहबर लोकगीत
सूतल छलिऐ हे प्रभु, एके रे पलंग पर लिरिक्स - कोहबर लोकगीत
Sutal Chhaleai He Prbhu Eke Re Palang
सूतल छलिऐ हे प्रभु, एके रे पलंग पर,
हार मोरा गेलै हेराय हे
सोहावन लागे
नहि घर सासु हे प्रभु, नहि घर ननदि,
हार मोरा गेल हेराय हे
सोहावन लागे
कथीक हार हे धनि, कथीमे गांथल,
कहमहि गेल हेराय हे
सोहावन लागे
सोनेकेर हार हे प्रभु, रेशम डोरी गांथल,
पलंगा पर गेलै हेराय हे
सोहावन लागे
जयबै बंगला देश, बजयबै सोनार के,
हार अहाँक देब पहिराय हे
सोहावन लागे
शेयर करू
नव पोस्ट
⏳
पुरान पोस्ट
⏳
https://mithiladharohar.blogspot.com/2024/10/sundar-kaniya-ramratniya-sona-muthi.html
https://mithiladharohar.blogspot.com/2024/10/ganga-je-bahi-balai-jamuniya-he-lyrics.html
❤ अहाँक इहो पसंद आयत:
⏳
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !