मैथिली पारम्परिक चैतावर (चैती) गीत
पलंगा चढ़ैत डर लागय हो रामा
पायल बाजय
धीरे-धीरे चढ़लहुँ पलंगपर
सूतल पिया नहि जागय हो रामा
पायल बाजय
नूपुर दाबि चलू सभ सखिया
तनिक भनक नहि लागय हो रामा
पायल बाजय
लाख जगाय पिया नहि जागय
बिरहा मोहि सताबय हो रामा
पायल बाजय
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