अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
4 अग॰ 2019
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आवश्यक व्यावहारिक मंत्र : चौठचन्द्र, दूर्वाक्षत, उल्का भ्रमण, अगस्त्यार्घदान, देवोत्थान, यज्ञोपवीत
आवश्यक व्यावहारिक मंत्र : चौठचन्द्र, दूर्वाक्षत, उल्का भ्रमण, अगस्त्यार्घदान, देवोत्थान, यज्ञोपवीत
अनन्त भगवान् पूजन मन्त्र
देवोत्थान (देवउठाउन एकादशी पूजन मन्त्र)
● अगस्त्यार्घदान:-
कुम्भयोनिसमुत्पन्न मुनीना मुनिसत्तम्।
उदयन्ते लंकाद्वारे अर्घोऽयंप्रतिगृह्यताम्॥
शंख पुष्पं फलं, तोयं रत्नानि विविधानि च।
उदयन्ते लंकाद्वारे अर्घोऽयंप्रतिगृह्यताम्॥
● अगस्त्य-प्रार्थना:-
आतापि भक्षितो येन वातापि च महाबलः।
समुद्र शोषितो ये न स मेऽगस्त्य प्रसीदत्॥
उल्का भ्रमण:-
शास्त्राशस्त्रहतानांच भूतानांभूत दर्शयोः।
उज्ज्वल ज्योतिषा देहं निदहेव्योमवह्निना॥
अग्निदग्धाश्च ये जीवा येऽप्यदग्धाः कुले मम।
उज्ज्वलज्योतिषा दग्धास्ते यान्तु परमाङ्गतिम्॥
यमलोकं परित्यज्य आगता महालये।
उज्ज्वलज्योतिषा वत्मं पश्यन्तो व्रजन्तुते॥
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