शनिवार, 12 नवंबर 2022

नन्दनक नन्दन कदम्बक लिरिक्स - Nandak Nandan Kadambak Lyrics

नन्दनक नन्दन कदम्बक तरु तर, 
धिरे-धिरे मुरलि बजाब।
समय संकेत निकेतन बइसल, 
बेरि-बेरि बोलि पठाव।।
साभरि, तोहरा लागि अनुखन विकल मुरारि।
जमुनाक तिर उपवन उदवेगल, 
फिरि फिरि ततहि निहारि।।
गोरस बेचरा अबइत जाइत, 
जनि-जनि पुछ बनमारि।
तोंहे मतिमान, सुमति मधुसूदन, 
वचन सुनह किछु मोरा।
भनइ विद्यापति सुन बरजौवति, 
बन्दह नन्द किसोरा।।

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