बाबू हे जूता अहांक कुलपूज्य लल्लहिनका शीश नबाय प्रणाम करूनहि करबै जँ लोक हँसैएतखन तऽ जाति अहांक जायत हेबाबू जे जता अहांक कुलपूज्य थिकासाष्टांग जोड़ि प्रणाम करूअहांक बापो-पितामह एना पूजलजुनि एना संकोच करू हेबाबू हे जूता अहांक कुलपूज्य थिकाइहो पढ़ब :-• बियाह सँ द्विरागमन धरिक मैथिली गीत• मैथिली सिंदूरदान गीत लिरिक्स
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