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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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17 नव॰ 2017

चढ़त चैत चित चंचल कि और चित चंचल हो Chadhal Chait Chit Chanchal Lyrics

मैथिली पारम्परिक चैतावर (चैती) गीत 

चढ़त चैत चित चंचल कि और चित चंचल हो
हो रे, कुसुम लेल पतझार श्याम नहि आयल हो

ककरा सँ चिठिया लिखाएब, ककरा पठायब हो
हो रे, के कहत मोनक बात, खबरिया हम जानब हो

कैथा सँ चिठिया लिखाएब, हजमा पठाएब हो
हो रे, हजमे कहत निजबात, खबरि हम जानब हो

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