प्रथमहि गेल धनि प्रीतम पास सजनी गेहिरदय अधिक भेल लाज सजनी गेठाढ़ि भेलि अंगो ने डोलय सजनी गेमुरती सन मुखहु ने बोल सजनी गेकर दुहु धाय पहु बैसाय सजनी गेरूसि रहल धनि मदन जगाय सजनी गेभनहि विद्यापति सब जन जानयपुरुषक नहि किछु आस सजनी गेइहो पढ़ब :-• मैथिली छौमासा गीत• समदाउन गीत - मैथिली समदाउन लोकगीत
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