मैथिली पारम्परिक चैतावर (चैती) गीत
कहमा रामचन्द्र जी के जन्म भेलनि
कहमा साजल बरियात हो रामा
अयोध्यामे रामचन्द्र के जन्म भेलनि
दशरथ साजल बरियात हो रामा
रथ जे साजल घोड़बा जे साजल
साजि लेल हाथी बहुत हो रामा
एते बरियाती दशरथ जी साजल
चलल जनकपुर धाम हो रामा
जखन ओ रामचन्द्र चलला जनकपुर
सखि सभ पढ़थिन गारि हो रामा
जखनहि रामचन्द्र पहुँचला द्वार पर
सखि सभ परिछन जाय हो रामा
कांचहि बाँस केर डाला बुनाओल
ताहि लेल सिनुर पिठार हो रामा
सब सखि देखै रामा आजन बाजन
सासु निरेखय जमाय हो रामा
देखइत सुन्दर वर छथि पातर
कनीएक छथि श्यामल हो रामा
सासु निहारथि मन बिधुआबथि
सीता हमर छथि गोर हो रामा
जखनहि रामचन्द्र वेदी लग बैसला
पुरहित वेद पढ़ाय हो रामा
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