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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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22 जुल॰ 2025

Maithili Lokgeet

कांमर सजेबै बाबा धाम जेबै लिरिक्स - Baba Dham Jebai Kamar Sajebai Lyrics

मिथिला धरोहर
कांमर सजेबै बाबा धाम जेबै,
कांमर सजेबै बाबा धाम जेबै,
हम सब कांवरिया मिल के, 
हम सब कांवरिया मिल के, 
गेबै बजेबै, 
कांमर सजेबै बाबा धाम जेबै,
कांमर सजेबै बाबा धाम जेबै,

सुल्तानगंज से भरी भरी कांवर उठेबै,
सुल्तानगंज से भरी भरी कांवर उठेबै,
धूप, दीप आरती बाबा के देखेबै,
धूप, दीप आरती बाबा के देखेबै,
बम-बम के नारा लऽ कऽ,
बम-बम के नारा लऽ कऽ,
बाबा लग जेबै,
कांवर सजेबै बाबा धाम जेबै,
कांवर सजेबै बाबा धाम जेबै,

गंगा जली भरी-भरी कांवर सजेबै,
गंगा जली भरी-भरी कांवर सजेबै,
बाट ऊच नीच बाबा कोना के जेबै
कतेक दुख सही के बाबा, 
कतेक दुख सही के बाबा, 
गंगा जल चढेबै,
कांवर सजेबै बाबा धाम जेबै,
कांवर सजेबै बाबा धाम जेबै,
हम सब कांवरिया मिल के, 
हम सब कांवरिया मिल के, 
गेबै बजेबै, 
कांवर सजेबै बाबा धाम जेबै,
कांवर सजेबै बाबा धाम जेबै,

Maithili Lokgeet

शारदा सिन्हा मैथिली शिव भजन नचारी लिरिक्स - Sharda Sinha Maithili Shiv Bhajan Lyrics

मिथिला धरोहर
Sharda Sinha Shiv Bhajan

शारदा सिंहा जी के आन गीत सब

17 जुल॰ 2025

Kunj Bihari Mishra

पुर्णिमा के चान जकाँ लिरिक्स - Purnima Ke Chand Jaka Lyrics

मिथिला धरोहर
पुर्णिमा के चान जकाँ, चमकैत छी आहाँ,
पुर्णिमा के चान जकाँ, चमकैत छी आहाँ,
हे छोड़ू ये, साज श्रृंगार,
ओहिना चमकैत छी ये,
पुर्णिमा के चान जकाँ, चमकैत छी आहाँ,
हे छोड़ू ये,
छोड़ू ये कनियाँ काजर छोड़ू,
छोड़ू ये कनियाँ फैशन छोड़ू,
छोड़ू ये कनियाँ काजर छोड़ू,
छोड़ू ये कनियाँ फैशन छोड़ू,
हे छोड़ू ये, साज श्रृंगार,
ओहिना चमकैत छी ये,
पुर्णिमा के चान जकाँ, चमकैत छी आहाँ…..

अँइख काजर बिन कारी,
ठोरहक मधुरिम लाली,
लोच लजाबै पुरबा,
पवन बसंत मतवाली,
हे छोड़ू ये, साज श्रृंगार,
ओहिना चमकैत छी ये,
पुर्णिमा के चान जकाँ, चमकैत छी आहाँ,
पुर्णिमा के चान जकाँ, चमकैत छी आहाँ…..

झनन झनन झिंगुर बाजै,
खनन खनन हाथक चूड़ी,
कोयल की बाजत ऐहेन,
मधुर लेबल बोली,
हे छोड़ू ये, साज श्रृंगार,
ओहिना चमकैत छी ये,
पुर्णिमा के चान जकाँ, चमकैत छी आहाँ,
पुर्णिमा के चान जकाँ, चमकैत छी आहाँ…..

जेकरा पठाओल बिधना,
गढ़ि कऽ सुन्दर नारी,
तकरो निहारैत हेता,
मोन में अचरज भारी,
हे छोड़ू ये, साज श्रृंगार,
ओहिना चमकैत छी ये,
पुर्णिमा के चान जकाँ, चमकैत छी आहाँ,
पुर्णिमा के चान जकाँ, चमकैत छी आहाँ,
हे छोड़ू ये,
छोड़ू ये कनियाँ काजर छोड़ू,
छोड़ू ये कनियाँ फैशन छोड़ू,
छोड़ू ये कनियाँ काजर छोड़ू,
छोड़ू ये कनियाँ फैशन छोड़ू,
हे छोड़ू ये, साज श्रृंगार,
ओहिना चमकैत छी ये,
पुर्णिमा के चान जकाँ, चमकैत छी आहाँ,
पुर्णिमा के चान जकाँ, चमकैत छी आहाँ।

(गायक - कुंज बिहारी मिश्रा)

13 जुल॰ 2025

Maithili Lokgeet

एक सेहेन्ता हमरा मोन में लिरिक्स - मैथिली शिव भजन गीत

मिथिला धरोहर
एक सेहेन्ता हमरा मोन में 
होय यै बारम बार 
पहुँचितौं बाबा के दरबार...

गंगा सं गंगा जल भरितौं
कांवर लै हम नैन जुराबितौं 
बनितौ सेवक कहार
पहुँचितौं बाबा के दरबार
एक सेहन्ता हमरा मोन में 
होय यै बारम बार 
पहुँचितौं बाबा के दरबार...

कांवर ले के चलल कहरिया 
बनल कांवरिया शिव के भरिया
हर-हर बम-बम नारा लगावबैत
महुँचव शिव के द्वार 
पहुँचितौं बाबा के दरबार...

बूढ़ बरद छैन शिव के सबारी
बैसला दिगम्बर विष के आहारे
चौदह दिसा में घूमी-घूमी देखल
शिव के रूप हजार
पहुँचितौं बाबा के दरबार...

असरन शरण ध्यान हम धेलौ 
अहाँ के शरण मे हम लेपटेलौ
कल जोड़ी विनय करै छी यौ बाबा
कष्ट हरु सरकार
पहुँचितौं बाबा के दरबार...


4 जुल॰ 2025

Maithili Lokgeet

मैथिली सोहर गीत लिरिक्स - Sohar Geet Lyrics Maithili

मिथिला धरोहर
मैथिली कृष्ण जन्म सोहर लिरिक्स, मैथिली सोहर लिरिक्स गीत लिखा हुआ















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