मंगलवार, 28 जनवरी 2020

हरैद पिसबा काल के गीत - दुरांगमन लोकगीत

१. चलू-चलू आहे सखी - Maithili Lokgeet

चलू-चलू आहे सखी
सीता सँ हरदि पिसयबे करी
हरदि कौशिल्या निकालू जल्दी
सुमित्रा तोहें माछ नेने ठाढ़ी
जँ तोहे होयब सीता एक बापक बेटी
एक हाथे हरदि पिसयबे करी
जनकपुर के चेरी करथि मिनती
हमर सीता बापक दुलारी बेटी
ई की तोहें चेरी बजलऽ मिनती
भौजीसँ हरदि पिसयबे करी

गुरुवार, 16 जनवरी 2020

हटलो ने मानय त्रिपुरारी हो लिरिक्स - Hatlo Ne Manay Tripurari Ho Lyrics

Hatlo Ne Manay Tripurari Ho Vipatti Bad Bhari Lyrics

हटलो ने मानय त्रिपुरारी हो विपति बड़ भारी
खूजल बसहाके डोरी कोना पकड़ब
चड़ि गेल फूल-फूलबारी, 
हो विपति बड़ भारी

अंगने-अंगने सखि सब उलहन दै छथि - 2
कतेक सहब अति गारी, हो विपति बड़ भारी

भनहि विद्यापति सुनू हे गौरी दाई - 2
इहो छथि त्रिशुलधारी, !
हो विपत्ति बड़ भारी

रचनाकार : विद्यापति

सखि हे, आज जाएब मोहि - विद्यापति

सखि हे, आज जाएब मोहि।।
घर गुरूजन-डर न मानब, 
वचन चूकब नाहि।
चाँदन आनि-आनि अंग लेपब, 
भूषण कए गजमोती।
अंजन विहुँन लोचन-युगल धरत धवल जोती।
धवन बसनें तनु झपाओब गमन करब मन्दा।

रचनाकार : विद्यापति

बुधवार, 15 जनवरी 2020

मैथिली समदाउन लोकगीत लिरिक्स - Samdaun Geet Lyrics

समदाउन गीत लिरिक्स मैथिली में
 







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शुक्रवार, 10 जनवरी 2020

छोटी सुकुमारी सिया, नामे-नामे केसिया - मैथिली पुत्र प्रदीप Chhoti sukumari siya name name kesiya

Chhoti Sukumari Siya Name-Name Kesiya
स्वयंवरक भाष मे गीत

छोटी सुकुमारी सिया, नामे-नामे केसिया,
केसिया मे लाखो मोतीहार हे। 
सुन्दरि सीता दाइ के झबड़ल केसिया,
केसिया मे हीरा-मोती हार हे।

रानी सुनयना के कोरा मे सिया बेटिया,
बेटिया के महिमा अपार हे। 
आयल बड़साख मास नवमी इजोरिया, 
चहुंदिसि समय सुखार है।।

राजा जनक के दुलारी सिया बेटिया, 
प्रदीपक नमन हजार है।।

रचनाकार: मैथिली पुत्र प्रदीप (प्रभुनारायण झा)


रविवार, 5 जनवरी 2020

पद्मश्री उषा किरण खान परिचय - Usha Kiran Khan Biography

कथाकार - उपन्यासकार, नाटककार लेखिका उषा किरण खान ( Usha Kiran Khan ) मैथिली आ हिंदी दुनु भाषा मे समान रूप सं सृजनशील रहल छथि। उषा किरण खान केर जन्म 7 जुलाई 1945 ई० के लहेरियासराय, दरभंगा मे भेल छलनी। उषा जी संस्कृत, पालि, अंग्रेजी, मैथिली आ हिंदी क प्राचीन साहित्य के गहन अध्ययन केने छथि। मैथिली मे 'भामती' एवं हिंदी मे 'सिरजनहार' लिख के ऐतिहासिक उपन्यास दिस दृष्टिपात केने छथि। उषा जी के पहिल कहानी इलाहाबाद सं निकलय बला यशस्वी पत्रिका 'कहानी' मे प्रकाशित भेल छलनी।
उषा किरण सामाजिक क्रियाकलाप मे सेहो बहुते सक्रिय छथि आ महिला चर्खा समिति पटना के अध्यक्षा छथि। हिनक माननाय अछि जे साहित्य में विचारधारा हावी होय इ सही नै छैक, कियाकि  लेखक के समदर्शी भेनाइ चाहि। ओ 'आयाम'  नाम सं एकटा संस्था के स्थापना सेहो केने छथि जेकर  उद्देश्य अछि साहित्य मे स्त्री-स्वर के प्रोत्साहित केनाय अछि। उषा किरण जी केर इतिमध्य बिहार राष्ट्र भाषा के हिंदी सेवी सम्मान, बिहार राजभाषा विभाग का महादेवी वर्मा सम्मान, दिनकर राष्ट्रीय पुरस्कार, साहित्य अकादमी पुरस्कार, कुसुमांजलि पुरस्कार, विद्यानिवास मिश्र पुरस्कार, बहुप्रतिष्ठित भारत-भारती सम्मान (२०१९), प्रबोध साहित्य सम्मान Prabodh Sahitya Samman  (२०२०) एवं पद्मश्री सम्मान भेटल छनि। 

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'अनुत्तरित प्रश्न', 'हसीना मंजिल', 'भामती', तथा 'सिरजनहार' एहन मैथिली उपन्यास के लेल इ प्रख्यात छथि। एहिके अलावा सेहो कहानी-संग्रह 'कांचहि बांस' सेहो अछि। हिंदी मे हिनक सुपरिचित उपन्यास के नाम अहि प्रकार अछि: 'पानी पर लकीर', 'फागुन के बाद', 'सीमांत कथा', 'रतनारे नयन'। एकरा छोरी के कहानी'क किताब जेना 'गीली पॉक', 'कासवन', 'दूबजान', 'विवश विक्रमादित्य', 'जन्म अवधि', 'घर से घर तक' सेहो  पाठक के खूब पसंद आयल।'सिरजनहार' और 'अगनहिंडोला' क्रमश: कवि विद्यापति और शेरशाह के जीवनी-निर्भर कृतियां अछि।

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नाटक लेखिका के रूप मे उषा जी मैथिली मे 'फागुन', 'एकसरि ठाढ़', 'मुसकौल बला' आदि आ 'घंटी से बान्हल राजू', 'बिरड़ो आबि गेल' एहन बाल-नाटक आ हिंदी मे'कहां गये मेरे उगना' एवं 'हीरा डोम' आदि नाटक तथा 'डैडी बदल गये हैं', 'नानी की कहानी', 'सात भाई और चंपा', 'चिड़िया चुग गयी खेत' एहन लोकप्रिय नाटिका के रचना सेहो केने छथि। उषा किरण जी 'कहां गये मेरे उगना' नाटक के माध्यम सं कविवर विद्यापति के जीवनदर्शन मंच पर साकार केलनि। एकटा बाल-उपन्यास सेहो लिखने छथि 'लड़ाकू जनमेजय'।



शुक्रवार, 3 जनवरी 2020

मैथिली पञ्चांग २०२० - Maithili Panchang 2020


सं०
पावैन तिथि, मास दिन १ दशकारकान्त ०५, जनवरी रवि दिन २ मकर (तिला) संक्रान्ति १५, जनवरी बुध दिन ३ नरक निवारण २३, जनवरी गुरु दिन ४ सरस्वती पूजा २६, जनवरी गुरु दिन ५ अचला सप्तमी ०१, फरवरी शनि दिन ६ शिवरात्रि व्रत २१, फरवरी शुक्र दिन ७ मौनी अमावस्या २४ फरवरी सोम दिन ८ होलिका दहन ०९, मार्च सोम दिन ९ फगुआ (होली) १०, मार्च मंगल दिन १० सोमवती अमावस्या २३, मार्च सोम दिन ११ चैती कलशस्थापन २५, मार्च बुध दिन १२ बेलनौती ३०, मार्च सोम दिन १३ चैती छठी व्रत ३०, मार्च सोम दिन १४ रामनवमी ०२, अप्रैल गुरु दिन १४ देवी वीसर्जन, विजयादशमी ०३, अप्रैल शुक्र दिन १५ सतुआइन १४, अप्रैल मंगल दिन १६ जुड़शीतल १४, अप्रैल मंगल दिन १७ अक्षय तृतीया २६, अप्रैल रवि दिन १८ षा० रविव्रतान्त २६, अप्रैल रवि दिन १९ जानकी नवमी ०१, मई शुक्र दिन २० मैथिली दिवस ०१, मई शुक्र दिन २१ वटसावित्री व्रत २२, मई शुक्र दिन २२ गंगा दशहरा ०१, जून सोम दिन २६ सौराठ सभा आरम्भ ७, जून गुरु दिन २४ जगन्नाथ रथ यात्रा २३, जून मंगल दिन

जुलाई २०२० के पाबनि-तिहार
हरिशयन ११ व्रत ०१, जुलाई बुध दिन गुरु-पूर्णिमा, चंद्रग्रहण ०५, जुलाई शनि दिन सावन मास प्रारंभ ०६, जुलाई सोम दिन संकष्टी चतुर्थी ०८, जुलाई बुध दिन मधुश्रावणी पूजा सुरु १०, जुलाई शुक्र दिन शीतला सप्तमी १२, जुलाई रैव दिन सावनक दोसर सोमबारी १३, जुलाई सोम दिन मंगला गौरी व्रत १४, जुलाई मंगल दिन सावनक तेसर सोमबारी, २०, जुलाई सोम दिन सोमवती अमावस्या २०, जुलाई सोम दिन नाग पंचमी २५, जुलाई शुक्र दिन सावनक अंतिम सोमबारी २७, जुलाई सोम दिन श्रावण पुत्रदा एकादशी ३०, जुलाई शुक्र दिन

अगस्त २०२० के पाबनि-तिहार
प्रदोष व्रत (शुक्ल) १, अगस्त शनि दिन रक्षाबंधन ३, अगस्त सोम दिन संकष्टी, बहुला चतुर्थी ७, अगस्त शुक्र दिन कृष्णाष्टमी १२, अगस्त बुध दिन अजा, जया एकादशी व्रत १५, अगस्त शनि दिन प्रदोष व्रत (कृष्ण पक्ष) १६, अगस्त सोम दिन हरतालिका तीज २१, अगस्त शुक्र दिन चौरचन २२, अगस्त शनि दिन ऋषि पंचमी २३, अगस्त रवि दिन संतान सप्तमी २५, अगस्त मंगल दिन महालक्ष्मी व्रत प्रारंभ २६, अगस्त बुध दिन
सितंबर २०२० के पाबनि-तिहार
अनंत चतुर्दशी १, सितंबर मंगल दिन चौरचन २, सितंबर बुध दिन पितृपक्ष आरंभ २, सितंबर बुध दिन संकष्टी चतुर्थी ५, सितंबर शनि दिन जितिया १०, सितंबर गुरु दिन कन्या संक्रांति १६, सितंबर बुध दिन पितृपक्ष समाप्त १७, सितंबर गुरु दिन कमला एकादशी २७, सितंबर रवि दिन
अक्टूबर २०२० के पाबनि-तिहार
अश्विन पूर्णिमा व्रत १, अक्टूबर गुरु दिन नवरात्र प्रारंभ १७, अक्टूबर शनि दिन नवपत्रिका पूजा २२, अक्टूबर गुरु दिन विजयादशमी २५, अक्टूबर शनि दिन कोजगरा ३०, अक्टूबर शुक्र दिन कार्तिक मास प्रारंभ ३१, अक्टूबर शनि दिन

नवंबर २०२० के पाबनि-तिहार
रमा एकादशी ११, नवम्बर बुध दिन धनतेरस १२, नवम्बर गुरु दिन दीपावली, नरक चतुर्दशी १४, नवम्बर शनि दिन भरदुतीय १६, नवम्बर सोम दिन चित्रगुप्त पूजा १६, नवम्बर सोम दिन छठी संध्या अर्घ्य २०, नवम्बर शुक्र दिन छठी प्रातः अर्घ्य २१, नवम्बर शनि दिन देवउठाउन एकादशी २५, नवम्बर मंगल दिन बैकुंठ चतुर्दशी २९, नवम्बर रैव दिन चंद्रग्रहण ३०, नवम्बर सोम दिन

दिसंबर २०२० के पाबनि-तिहार
सूर्यग्रहण, (विदेश मे) १४, दिसंबर सोम दिन खरमास प्रारंभ १६, दिसंबर बुध दिन विवाह पंचमी १९, दिसंबर शनि दिन 

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गुरुवार, 2 जनवरी 2020

कोना परिछब गे दाइ वर के तरफ हमरा तकलो ने जाइ लिरिक्स - Kona Parichhab Ge Dai Lyrics

कोना परिछब गे दाइ। 
वर के तरफ हमरा तकलो ने जाइ ।। 

बिच्छू के घौड़छा मउरिया सजाय । 
बिढ़नी के घोड़छा लवडी बनाय ।। 

अयला पहिरि मुण्डमाला जमाय । 
गर्दनिमे साप रहि रहि फुफुआय ।।

ओढ़ना बघम्बर विभूति रमाय । 
एँडीमे देखियनि फाटल बेमाय ।। 

संगमे भूत-प्रेत अनलनि बजाय । 
फरके परान सुखय लगमे के जाय।। 

नरद कतः आइ रहला नुकाय । 
बभना के मारितौं चानी तकाय ।। 

इहो थिका महादेव त्रिभुवन राय ।
चलू कपिलदेव झट परिछू जमाय ।।