छल एल पापी महाबली, जाय मगह मरि गेल।
ओकरा तन के कौआ कुकुर ने खाय, गीद्घ, गीदर देखि डराय।।
उठि भोरे कहू गंगा गंगा, उठि भोरे कहू गंगा गंगा
गलि गेल मांस हाड़ भेल बाहर, रोम रोम भेल विकलाई।
कणिका एक उडि़ पद पंकज, सुर विमान लाय धाई।।
देखू गंगा जी क महिमा जे, ओ कोना तरि जाई।।
उठि भोरे कहू गंगा गंगा, उठि भोरे कहू गंगा गंगा














