रविवार, 27 अक्टूबर 2024

जिऽ बऽ हो भैया, जिऽ बऽ हो लिरिक्स - शारदा सिन्हा सामा चकेबा गीत लिरिक्स Ji ba ho bhaiya ji ba ho lyrics

जिऽ बऽ हो भईया, जिऽ बऽ हो
जिऽ बऽ हो भईया, जिऽ बऽ हो
बांसक रंगल चंगेरा में भैया
जगमग दीयरा
कोनो भौजो तप जे केलौंन
शिव के पौलन बौआ
कोनो भौजो तप जे केलौंन
शिव के पौलन बौआ
जि ब हो भईया, जि ब हो
जि ब हो भईया, जि ब हो

चांद सुरुज के संग संग एलै
छोटका भाईजवा मोर
ओहि देश के हसरू टिकुरि
अनिह भैया मोर
ओहि देश के हसरू टिकुरि
अनिह भैया मोर
जि ब हो भईया, जि ब हो
जि ब हो भईया, जि ब हो

वृंदावन सं बांस कटै
अनिह भैया मोर
सामा फोरब ठेहुना पर
जारब जुगला के ठोर
जि ब हो भईया, जि ब हो
जि ब हो भईया, जि ब हो
जि ब हो भईया, जि ब हो
जि ब हो भईया, जि ब हो

शुक्रवार, 25 अक्टूबर 2024

हे महा लक्ष्मी, हे महामाया लिरिक्स - मैथिली लक्ष्मी पूजा गीत लिरिक्स He Maha Lakshmi He Mahamaya Lyrics

He Maha Lakshmi He Mahamaya Lyrics

हे महा लक्ष्मी, हे महामाया,
करहु कृपा निज जन पर दाया

अन्न ,वस्त्र ,गृह ,गुजर योग्य हो, 
वैभव सुखकर सतत भोग्य हो
निर्मल मन हो ,निर्मल काया, 
हे महा लक्ष्मी, हे महामाया

लाल कमल केर देलहुँ आसन,
सोना चानी केर सभ वासन,
करू कुटुंब सहित प्रतिपालन ,
माँगी संतति सेवक सज्जन

गोड़ खड़उवा ऐ आदित मल लीरिक्स - Goad Khadooa Ae Aaditmal Lyrics

Anuradha Paudwal Chhath Song - Goad Khadooa Ae Aaditmal Lyrics

गोड़ खड़उवा ऐ आदित मल
सोहे तिलक लीलार
(सोहे तिलक लीलार)
हथवा में सोभे सब रंग बाती
तोहे अरघ दियाए
(तोहे अरघ दियाए)
तोहे अरघ दियाए

अम्मा के कोरवा में सुतल
मोर भईले बिहान
(मोर भईले बिहान )
हाली हाली उठऽ ऐ आदित मल
तोहे अरघ दियाए
(तोहे अरघ दियाए)
फलवा फूलवा लेले मालिन
के बिटिउवा लेले ठाड़
(के बिटिउवा लेले ठाड़)
हाली हाली उठऽ ऐ आदित मल
तोहरे अरघ दियाए
(तोहे अरघ दियाए)
तोहरे अरघ दियाए

दुधवा घिउवा लेले ग्वालिन
के बिटिउवा बाड़ी ठाड़
(के बिटिउवा बाड़ी ठाड़)
हाली हाली उठऽ ऐ आदित मल
तोहे अरघ दियाए
(तोहे अरघ दियाए)
धूपवा दीपवा के लेके ब्राम्हण
उ जे ब्राम्हण बाड़े खाड़
(उ जे ब्राम्हण बाड़े खाड़)
हाली हाली उठऽ ऐ आदित मल
तोहरे अरघ दियाए
(तोहे अरघ दियाए)
तोहरे अरघ दियाए
(तोहे अरघ दियाए)
तोहरे अरघ दियाए
(तोहे अरघ दियाए)
तोहरे अरघ दियाए
(तोहे अरघ दियाए)
तोहरे अरघ दियाए

शनिवार, 19 अक्टूबर 2024

भद्र काली हमर कष्ट जल्दी हरु लिरिक्स - Bhadrakali Hamar Kasht Jaldi Haru

भद्र काली हमर कष्ट जल्दी हरु
पुत्र हमहु अहाँ के पड़ल छी गरु

पाठ पूजा नहि जानि कोना हम करू,
चित्त चंचल सदा ध्यान कोना धरु 
भद्र काली हमर कष्ट जल्दी हरु

अम्बे हरदम अहिं के जपब हम बरु,
आस माता हमर शीघ्र पूरन करू
भद्र काली हमर कष्ट जल्दी हरु

दिय दर्शन सदा निज भक्तन के बरु,
दीन बच्चाके आशा के पूरण करू
भद्र काली हमर कष्ट जल्दी हरु

गुरुवार, 17 अक्टूबर 2024

मड़वा के काते काते बेली फूल लिरिक्स - Madwa Ke Kaate Kaate Lyrics

मड़वा के काते काते बेली फूल
आओर चमेली फूल हे
सहो फूल लोढ़थिन बड़की दादी
हार बनावथु हे

सेहो हार पहिरथु फलां बरुआ
देखइते सुहावन हे

ओहि मड़वा बैसला से अप्पन बाबा
जांघ जोड़ी अइहब अम्मा हे

बीच भए बैसला से फ्लला बरुआ
उपनयन कराय दिय हे

बीच भए बैसला से फ्लला बरुआ
लाल जनउआ दिय हे

बीच भए बैसला से फ्लला बरुआ
मोन सं आशीष दिय हे

मिथिलाक दिवाली मे हुक्का लोली के पुराण परंपरा

मिथिला मे प्रकाश पर्व दीयाबाती के विशेष महत्व छैक। एतय अहि दिन घरे-घर लक्ष्मी जी आ गणेश जी के संगे राम सीता जी के सेहो पूजा कैल जाइत अछि। सीता जी मिथिला के बेटी छलखिन आ राम रावण के माइर कऽ सीता जी के सकुशल अयोध्या अनलखिन। ताहिलेल एतय सब साल दिबाली के दिन घर घर दीप जरा खुशि मनायल जाइत अछि।

मिथिला मे दिवाली के सांझ दीप जरेबाक संग उल्का भ्रमण के परंपरा अछि। इ वास्तव मे महालय यानी पितृपक्ष मे स्वर्ग लोक के त्याग कऽ मर्त्यलोक पहुंचल पितर के परम गति के कामनाक संग आपस लौटबाक राह देखाबैत अछि। शास्त्र मे कहल गेल अछि - ‘शस्त्रशस्त्रहतानं च भूतानां भूतदर्शयो. उज्जवलज्योतिषा देहं निर्दहे व्योमवहिृनना. अगिदग्धाध ये जीवा योडज्यदग्धा कुले मम. उज्जवलज्योतिशा दग्धास्ते यांतु परमां गतिम।

इहो पढ़ब :-

उल्का भृमण मंत्र के संग खर आ संठी सं निर्मित ऊक के पूजा घर के मुख्य दीप सं जड़ा कऽ घर-आंगना अहि मंत्र के संग ऊक देखाबैत घर सं दूर चौराहा या अंगनाक एकटा कात मे एकरा त्याग देल जाइत अछि जतय सं दु टा संठी आपस अनबाक बिध अछि। अहि संठी के उपयोग आधा राइत रात के बाद सूप पीटैत कहै छथि ''अनधन लक्ष्मी घर आऊ, दरिद्र बहार जाऊ" अहि पन्ति संगे दरिद्रता के घर सं बाहर कऽ राह दिखेबाक बिध-विधान स्त्रीगण पूर्ण करैत छथि। अहि प्रसंग पर गौर करि तऽ इ अज्ञानता रूपी अंधकार सं ज्ञान प्रकाश के दिस बढ़बाक आ सजग रहबाक प्रेरणा दैत अछि।

इहो पढ़ब :-

हुक्का लोली, उक्का पाती :-
दिवाली सं एक-दु दिन पहिले घरक नमहर बच्चा फाटल-पुरान कपड़ा कऽ गोल गेंद बना कऽ राइत भरी मटिया तेल (केरोसिन) मे डूबा कऽ राखैत अछि। दीबाली दिन ओकरा नमहर तार मे बांइध आ आइग लगा कऽ गोल-गोल घूमावल जाइत अछि, "हुक्का लोली खेलय छी, मच्छर कऽ झरकाबय छी" एकरे हुक्का-लोली या हुक्का पाती कहल जाइत अछि। पटाखा के जगह मिथिलाक गांव मे पहिले यैह होइत छल मुदा आधुनिकता के दौर मे कुछ गाम मे हुक्का-लोली के पुराण परंपरा आयो कायम अछि

सोमवार, 14 अक्टूबर 2024

चल-चल गे बहिना पूरै लै हकार गे लिरिक्स - Chal Chal Ge Bahina Purai Lai Hakar Ge

मैथिली कोजगरा गीत लिरिक्स

लाल काका अंगना एलै कोजगरा के भार गे
लाल काका अंगना एलै कोजगरा के भार गे
चल-चल गे बहिना पूरै लै हकार गे
चल-चल गे बहिना पूरै लै हकार गे

सुंदर सुहावन लागै पूर्णिमा के राइत गे
गाम घर मे चहल पहल जकमक दलान गे
अंगना में पसरल छै जेना पथार गे
चल-चल गे बहिना पूरै लै हकार गे...

चुरा दही भार एलै मधुर पकवान गे
डाला सजल एलै पसरल छै धान गे
काकी देखाबै छथिन खोईल खोईल के भार गे
चल-चल गे बहिना पूरै लै हकार गे...

छत्ता एलै, जुत्ता एलै, रांगल खराम गे
कम्बल सतरंजी संगे छै अनेक समान गे
दुल्हा के पाग चमके चंदा समान गे
चल-चल गे बहिना पूरै लै हकार गे...

सजल धजल दुल्हा के होय छैन चुमाउन गे
काका बाटि भरि परसैथ मखान गे
शुभ शुभ हुअ लागल मंगल गान गे
चल-चल गे बहिना पूरै लै हकार गे...।

गीतकार: नबोनाथ झा

आजु कोजगरा के दिन लिरिक्स - Aaju Kojagra Ke Din Chhai Ge Bahina

आजु कोजगरा के दिन छै गे बहिना
आजु कोजगरा के दिन, 
आजु कोजगरा के दिन छै गे बहिना
आजु कोजगरा के दिन, 

कांचे केरा भरल चंगेरा, चूड़ा के कुरा खालिये छै
कांचे केरा भरल चंगेरा, चूड़ा के कुरा खालिये छै
दही छांछ के छाल्हि टूटल, मधुर मिठाईये कनियें छै
दही छांछ के छाल्हि टूटल, मधुर मिठाईये कनियें छै
कोना के राखु परोसी के मान गे बहिना
आजु कोजगरा के दिन, 
आजु कोजगरा के दिन छै गे बहिना
आजु कोजगरा के दिन, 

छत्ता छड़ी पुराने लागे, पिरहि के गोरा टूटले छै, 
छत्ता छड़ी पुराने लागे, पिरहि के गोरा टूटले छै, 
डाला परका धान जे देखु, किलो शेर सं जोखने छै
पान, मखानक नामो नै निसान छै गे बहिना
आजु कोजगरा के दिन, 
आजु कोजगरा के दिन छै गे बहिना
आजु कोजगरा के दिन, 

भैया सारक मूह लागै छै, उसनल अल्हुआ सुथनी सन,
भैया सारक मूह लागै छै, उसनल अल्हुआ सुथनी सन,
झगरा-रगड़ाके बात बजै छैथ, मूह फुल्ल छैन मुखनि सन
झगरा-रगड़ाके बात बजै छैथ, मूह फुल्ल छैन मुखनि सन
कोना कऽ खेलता भैया संग पच्चीसी गे बहिना
आजु कोजगरा के दिन, 
आजु कोजगरा के दिन छै गे बहिना
आजु कोजगरा के दिन, 

भैया कोजगरा मे भारक मोजगरा में लिरिक्स - Bhaiya Kojagra Me Bhaarak Mojagra Me

मैथिली कोजगरा लोकगीत लिरिक्स

भैया कोजगरा मे भारक मोजगरा में
बाबू परसै छथि मखान
झूमि झूमि लालन के करियौन चुमान
झूमि झूमि लालन के करियौन चुमान

आनन चानन नीपू कौशिल्या
आनन चानन नीपू कौशिल्या
गजमोती चौका पुराण
झूमि झूमि लालन के करियौन चुमान...

अलस कलश लय पुरहर राखल
अलस कलश लय पुरहर राखल
मानिक लेसू प्रह्लाद
झूमि झूमि लालन के करियौन चुमान...

काँचहि बांस के डलवा बुनाओल
कांचेहि बांस के डाला बुनायल
ताहि सजल दुभि धान
झूमि झूमि लालन के करियौन चुमान...

दुभिअक्षत लै मुनि सब आयल
दुभिअक्षत लै मुनि सब आयल
भैया के देता आशीर्वाद
झूमि झूमि लालन के करियौन चुमान...

चुमबय चलली माता कौशल्या
चुमबय चलली माता कौशल्या
चुमा लिय रघुबर राम
झूमि झूमि लालन के करियौन चुमान
झूमि झूमि लालन के करियौन चुमान...


(2)
भैया कोजगरा मे बाबू जी परसै छथि 
भैर भैर बाटि मखान
झूमि झूमि बौआ के करिओन चुमान
भैया कोजगरा मे बाबू जी परसै छथि 
भैर भैर बाटि मखान
झूमि झूमि लालन के करियौन चुमान

आनन चानन नीपू कौशिल्या
आनन चानन नीपू कौशिल्या
गजमोती चौका पुराण
झूमि झूमि भैया के करियौन चुमान
झूमि झूमि भैया के करियौन चुमान

अलस कलश लय पुरहर राखल
अलस कलश लय पुरहर राखल
मानिक लेसू प्रह्लाद
झूमि झूमि भैया के करियौन चुमान

काँचहि बांस के डलवा बुनाओल
कांचेहि बांस के डाला बुनायल
ताहि सजल दुभि धान
झूमि झूमि भैया के करियौन चुमान
झूमि झूमि भैया के करियौन चुमान

रविवार, 13 अक्टूबर 2024

आजु बाजे बधैया कोबर घर मे लिरिक्स - Aaju Baje Badhaiya Kobar Ghar Me

आजु बाजे बधैया कोबर घर मे
आजु बाजे बधैया कोबर घर मे
कोबर घर मे हो, मंडप पर मे
कोबर घर मे हो, मंडप पर मे
आजु बाजे बधैया कोबर घर मे

कतौ अरिपन परल केतौ पुरहर राखल
कतौ अरिपन परल केतौ पुरहर राखल
अहिबातो जरय छै कोबर घर मे
अहिबातो जरय छै कोबर घर मे
आजु बाजे बधैया कोबर घर मे

कतौ गायिन बैसल, गीतगायिन बैसल
कतौ गायिन बैसल, गीतगायिन बैसल
गुनमुना परसाई छै कोबर घर मे
गुनमुना परसाई छै कोबर घर मे
आजु बाजे बधैया कोबर घर मे

निंदिया के मातल दुल्हा झुकि झुकि जाइ हे लिरिक्स - Nindiya Ke Matal Dulha Lyrics

पारम्परिक मैथिली परिछन गीत लिरिक्स

निंदिया के मातल दुल्हा झुकि झुकि जाइ हे
कहाँ गेलै माई सुनैना परिछु जमाई हे

कांचेहि बांस केर डलवा बुनाई हे
चानन काजर धरि परिछन जाइ हे

जेहने हमर धिया तेहने जमाई हे
दुल्हा के देखी-देखी नैना जुराइ हे

सोने के कलशिया में कलशा धराइ हे
दुल्हा के परिछु सखि नाक दबाई हे


अपना किशोरी जी के टहल बजेबइ लिरिक्स - Apna Kishori Ji Ke Tahal Bajebai Lyrics

अपना किशोरी जी के टहल बजेबइ,
हे मिथिले में रहबई
हमरा नई चाही चारु धाम, 
हे मिथिले में रहबई 

साग-पात खोटी-खोटी दिवस बितेबइ, 
हे मिथिले में रहबइ
हमरा नई चाही सुख आराम, 
हे मिथिले में रहबइ...

जेहि बिधि रखथिन किशोरी, ताही बिधि रहबई, 
हे मिथिले में रहबइ,
सिया-सिया रटबई आठों याम, 
हे मिथिले में रहबइ...

गीतकार : स्नेहलता

शनिवार, 12 अक्टूबर 2024

कोने वरण सिया जनक दुलारी लिरिक्स - Kone Varan Siya Janak Dulari

पारम्परिक कोहबर लोकगीत

कोने वरण सिया जनक दुलारी
कोने वरण भगवान, कोबर रंग धरि
कोने वरण भगवान, कोबर रंग धरि

गोरे बदन सिया जनक दुलारी
श्याम वरण भवन, 
कोबर रंग धरि...

किनका सिर सोभे लाली रे सिंदुरिया
किनका सोभैन श्री मोर, 
कोबर रंग धरि...

सिया जी सिर सोभे लाली रे सिंदुरिया
राम जी के सोभे श्री मोर,
कोबर रंग धरि...

ताहि कोबर सुतय गेलैन रामचंद्र दुल्हा
देखै लागि सिया सुकुमारी,
कोबर रंग धरि...

जुग जुग जीवथि रामचन्द्र दुल्हा
जुग जुग सिया अहिबात,
कोबर रंग धरि...।

शुक्रवार, 11 अक्टूबर 2024

हरियर हरियर बेलक पतिया लिरिक्स - Hariyar Hariyar Belak Pataiya

पारम्परिक कोहबर लोकगीत

हरियर हरियर बेलक पतिया
हे सखि कोबर घर मे
राम जी तोरथि बेलक पात
हे सखि कोबर घर मे

सोना के सांझी सिया, हाथ लय लेलन
हे सखि कोबर घर मे
राम जी तोरथि बेलक पात
हे सखि कोबर घर मे...

बेलपत्र तोरथि दुल्हा, दुलहिन भवन में
हे सखि कोबर घर मे
बैसल छथि सुकुमार
हे सखि कोबर घर मे...

गिरजा पूजथि सिया, मंगल गाबु
हे सखि कोबर घर मे
मंगल शुभ वरदान 
हे सखि कोबर घर मे
हरियर हरियर बेलक पतिया
हे सखि कोबर घर मे
राम जी तोरथि बेलक पात
हे सखि कोबर घर मे

हम नै जेबय कोबर घर डर लागै यै लिरिक्स - Ham Nai Jebai Kobar Ghar Lyrics

डर लागै यै, हमरा डर लागै यै
हम ने जेबय कोबर घर हमरा डर लागै यै

अपने महादेव कोहबर में बैसला
बिसधर सांप फुफकार मारय यै
हम ने जेबय कोबर घर हमरा डर लागै यै...

अपने महादेव डमरू बजाबथि
भूत प्रेत सब हुनका संगे नाच करै यै
हम ने जेबय कोबर घर हमरा डर लागै यै...

अपने महादेव बसहा पर बैसला
शिव के संग विभूति रुद्र माल सोभै यै
हम ने जेबय को कोबर घर हमरा डर लागै यै...।

जनक किशोरी मोरी भेलखिन बहिनिया हे लिरिक्स - Janak Kishori Mori Bhelkhin Bahiniya He

जनक किशोरी मोरी भेलखिन बहिनिया हे
मिथिला के नाते,
राम जी पहुनमा भेलखिन मोर हे मिथिला के नाते
राम जी पहुनमा भेलखिन मोर हे मिथिला के नाते

सिया सुकुमारी भेलखिन, प्राणहूँ से प्यारी
सिया सुकुमारी भेलखिन, प्राणहूँ से प्यारी
प्राणहूँ से प्यारी हे मिथिले के नाते
प्राण धन कौशल किशोर हे, मिथिला के नाते
राम जी पहुनमा भेलखिन मोर हे मिथिला के नाते...

निरख हृदय के हम, मड़वा बनायब
निरख हृदय के हम, मड़वा बनायब
मड़वा बनायब हे, मिथिले के नाते
दुल्हा दुलहिन चितचोर हे मिथिला के नाते
राम जी पहुनमा भेलखिन मोर हे मिथिला के नाते...

कबहु हृदय के हम कोहबर बनायब
कबहु हृदय के हम कोहबर बनायब
कोहबर बनायब हे, मिथिले के नाते
हास्य रस में होयब विभोर हे मिथिला के नाते
राम जी पहुनमा भेलखिन मोर हे मिथिला के नाते...।

गीतकार: स्नेह लता

मैथिली काली गीत लिरिक्स - Kali Geet Maithili Lyrics

रघुवर के नैना रसीले हो लिरिक्स - Raghubar Ke Naina Rasile Ho

रघुवर के नैना रसीले हो
परिछन चलु आनु

धन्य राजा जनक, जनकपुर नगरी
धन्य-धन्य सिया दुलारी हो
परिछन चलु आनु....

राम जी के भईले सिया सुकुमारी
जोड़ी है जग से निराली हो
परिछन चलु आनु....

राम जी के माथे मौरी सोभे
सिया जी के चूनर लाली हो
परिछन चलु आनु....


2
रघुवर के नैना रसीला हे
चलु परिछन सखिया

धन्य राजा जनक, जनकपुर वासी
धन्य-धन्य सिया दुलारी हे
चलु परिछन सखिया....

अक्षत, धन, दुभ लऽ लियै थारि
मंगल गावत नारी हे
चलु परिछन सखिया....

कंचन थार कपूरक बाती,
आरती करत सुकुमारी हे
चलु परिछन सखिया....

पातरि धनि सुकुमारी कि लिरिक्स - Patari Dhani Sukumari Ki Lyrics

पारम्परिक मैथिली सोहर गीत

पातरि धनि सुकुमारी कि
पिया के दुलारी रे 
ललना रे, अंग लगाए पिया पूछथि
कौने रंग बेदन रे

देह मोरा कांपए गहन जंका
केश भुइययां लोटू हे
आहे, धरती लागए असमान
नयन नहीं सूझत हे

कथि लये बाबा बियाहलनि
पिया घर देलनि रे
ललना रे, रहितौं मैं बारि कुमारी
बेदन नहीं जनितहुँ रे

जीरक बोरसी बनाइब
लौंगक पाइस रे
ललना रे, सब अभरन हम देब,
बेदन नहि बाँटब रे

जौं जनमल जदुनन्दन
खुजि गेल बंधन रे
ललना रे, खुजि गेल ब्रज केबार
कि नगर आंनद भेल रे

भल केलनि बाबा बियाहलनि
पिया घर देलनि रे
ललना रे, रहितौं मैं बारि कुमारी
होरिला कहाँ पाबितहूँ रे

दूल्हा श्यामला मुखवा पर धयने रुमाल लिरिक्स - Dulha Shyamla Mukhwa Par Dhayane Rumal

आबू आबू आबू सखि, 
आबू आबू आबू सखि, देखु भरी नैना
दूल्हा श्यामला, मुखवा पर धयने रुमाल
दूल्हा श्यामला, मुखवा पर धयने रुमाल

चानन ललाट सोभे, चानन ललाट सोभे, 
माथे मणि मोरया,
दूल्हा श्यामला, जुल्मी जुलुफिया घुंघराल,
दूल्हा श्यामला, जुल्मी जुलुफिया घुंघराल,
दूल्हा श्यामला, मुखवा पर धयने रुमाल...


सुंदरी धिया के सोभे, सुंदरी धिया के सोभे,
सुन्दर सलोना, 
दूल्हा श्यामला, जोड़ी विधि रचल कमाल,
दूल्हा श्यामला, जोड़ी विधि रचल कमाल
दूल्हा श्यामला, मुखड़ा पर धेने रुमाल...

एहन जमाई पाबि, एहन जमाई पाबि, 
धन्य आय मिथिला,
दूल्हा श्यामला, धन-धन जनक भूभाग,
दूल्हा श्यामला, धन-धन जनक भूभाग,
दूल्हा श्यामला, मुखड़ा पर धेने रुमाल...

निरखि 'स्नेह लता', निरखि 'स्नेह लता',
गावे इहो झांकी, 
दूल्हा श्यामला, आजु भेल जीवन निहाल, 
दूल्हा श्यामला, आजु भेल जीवन निहाल, 
दूल्हा श्यामला, मुखवा पर धयने रुमाल
आबू आबू आबू सखि, 
आबू आबू आबू सखि, देखु भरी नैना
दूल्हा श्यामला, मुखवा पर धयने रुमाल...|

गीतकार: स्नेह लता
पारम्परिक मैथिली परिछन गीत

भय गेल भांगक बेरा उठु हे गौड़ा लिरिक्स - Bhay Gel Bhangak Bera Uthu He Gaura

भय गेल भांगक बेरा उठु हे गौड़ा 
भय गेल भांगक बेरा उठु हे गौड़ा

हम कोना उठब इस्वर महादेव
गणपति सुतल छथि कोरा, 
उठु हे गौड़ा...

सासु नै ननदि मोरा, 
किनका हम देबनी कोरा,
कोना क पिसब भांगक गोला,
उठु हे गौड़ा...

आँचर ओछाए दिअ,
गणपति सुताए दिअ,
तखन पीसु भांगक गोला
उठु हे गौड़ा...

चरन सरन हम एलौं हे जननी लिरिक्स - Charan Saran Ham Elau He Janani

चरन सरन हम एलौं हे जननी, चरन सरन हम एलौं
चरन सरन हम एलौं हे जननी, चरन सरन हम एलौं 

जगदम्बा आहां जननी जगत में 
जगदम्बा आहां जननी जगत में 
ककरा की नहिं देलौं 
ककरा की नहिं देलौं हे जननी
चरन सरन हम एलौं 
चरन सरन हम एलौं हे जननी, चरन सरन हम एलौं ... 

पहिले केलौं दुलार बहुत गुनी
पहिले केलौं दुलार बहुत गुनी
आब निठुर किया भेलौं 
आब निठुर किया भेलौं हे जननी
चरन सरन हम एलौं 
चरन सरन हम एलौं हे जननी, चरन सरन हम एलौं... 

सकल ठाम सं भेलहुं निरास्रित
सकल ठाम सं भेलहुं निरास्रित
बेकल चरन पद भेलहूं 
बेकल चरन पद भेलहूं हे जननी
चरन सरन हम एलौं 
चरन सरन हम एलौं हे जननी, चरन सरन हम एलौं...

अपन भक्ति अब ताकू दयामयी
अपन भक्ति अब ताकू दयामयी
अंतिम विनय सुनैलौं 
अंतिम विनय सुनैलौं हे जननी
चरन सरन हम एलौं 
चरन सरन हम एलौं हे जननी, चरन सरन हम एलौं 
चरन सरन हम एलौं हे जननी, चरन सरन हम एलौं...

लाल चरण अछि तोर हे जननी लिरिक्स - Laal Charan Achhi Tor He Janani

लाल चरण अछि तोर हे जननी 
लाल चरण अछि तोर 
लाल चरण अछि तोर हे जननी 
लाल चरण अछि तोर 

लाले रंग ओड़न माँ के, लाले रंग पहिरन,
लाले रंग ओड़न माँ के, लाले रंग पहिरन,
लाले रंग सिर के सिंदूर हे जननी,
लाल चरण अछि तोर...

लाले रंग महफा, लाले रंग ओहरिया,
लाले रंग महफा, लाले रंग ओहरिया,
लाले बनल चाहु ओर हे जननी,
लाल चरण अछि तोर...

लाले रंग धन दिअ, लाले रंग मन दिअ,
लाले रंग धन दिअ, लाले रंग मन दिअ,
लाले रंग राखब मोर हे जननी,
लाल चरण अछि तोर
लाल चरण अछि तोर हे जननी 
लाल चरण अछि तोर 

गुरुवार, 10 अक्टूबर 2024

दुल्हा अवध किशोर हे परिछन चलु सखिया लिरिक्स - Dulha Awadh Kishor He Lyrics

दुल्हा अवध किशोर हे परिछन चलु सखिया
दुल्हा अवध किशोर हे परिछन चलु सखिया
जिनकर रूप बेजोड़ हे, परिछन चलु सखिया
जिनकर रूप बेजोड़ हे, परिछन चलु सखिया

देखई मे फूल सन सुंदर सखिया
देखई मे फूल सन सुंदर सखिया
तोरलनी धनुष कठोर हे, परिछन चलु सखिया
तोरलनी धनुष कठोर हे, परिछन चलु सखिया
दुल्हा अवध किशोर हे परिछन चलु सखिया...

जाहि विधि सिया निरमाहोल सखिया
जाहि विधि सिया निरमाहोल सखिया
विधना लेगाओल जोड़ हे, परिछन चलु सखिया
विधना लेगाओल जोड़ हे, परिछन चलु सखिया
दुल्हा अवध किशोर हे परिछन चलु सखिया...

दूल्हा परिछि मण्डप चलु सखिया
दूल्हा परिछि मण्डप चलु सखिया
देखी देखी नैना विभोर हे, परिछन चलु सखिया
देखी देखी नैना विभोर हे, परिछन चलु सखिया
दुल्हा अवध किशोर हे परिछन चलु सखिया...

परिछन चलु हरषि सब सखिया 
परिछन चलु हरषि सब सखिया 
देखब अवध किशोर हे, परिछन चलु सखिया
देखब अवध किशोर हे, परिछन चलु सखिया
दुल्हा अवध किशोर हे परिछन चलु सखिया...

बुधवार, 9 अक्टूबर 2024

काली के महिमा अपार हे जगदम्बे माता लिरिक्स - Kali Ke Mahima Apaar He Jagdambe Lyrics

काली के महिमा अपार हे, जगदम्बे माता 
अहाँ बिनु वसुधा अन्हार हे, जगदम्बे माता 

गंग यमुन सँ माँटि मंगाएब, उँचगर सुन्दर पिरिया बनाएब,
आँचर सँ करब श्रृंगार हे, जगदम्बे माता 

कोने फुल ओढन माँ के, कोने फुल पहिरन,
कोने फुल माँ के श्रृंगार हे, जगदम्बे माता

बेली फुल ओढ़नमाँके, चमेली फुल पहिरन,
अरहुल फुल माँ के श्रृंगार हे, जगदम्बे माता 

ओढ़ि पहिरि काली ठाढ़ि भेली गहवर,
सुरुजक ज्योति मलीन हे, जगदम्बे माता 

जय जय दुर्गा, जय माँ तारा, जय महालक्ष्मी विद्यागारा लिरिक्स - Jai Maa Durge Jai Maa Tara Lyrics

जय जय दुर्गा, जय माँ तारा, 
जय महालक्ष्मी विद्यागारा
दुर्गति नाशिनी दुर्गा जय जय,
काल विनाशिनी काली जय जय 
उमा, रमा, ब्रह्माणी जय जय, 
राधा सीता माता जय जय
जयति गोसाउनि जननी अम्बे,
जयति भगवती जय जगदम्बे 
पूजा अर्चा किछु नहि जानी,
करहु कृपा बुझि सुत अज्ञानी 

दुःख हरियौ भवानी लिरिक्स - Dukh Hariyo Bhawani Lyrics

दुःख हरियौ भवानी शरण एलौं,
अहाँके चरण लेल अलता लेलौं,
दुःख हरियौ भवानी शरण एलौं॥
दुःख हरियौ भवानी।

अल्पना नै आबय हम कोना क बनेबै,
नीक हेतै मैया अपने सै लगेबै,
सोचै छलौं लाल मुदा आल ल लेलौं,
दुःख हरियौ भवानी शरण एलौं॥
दुःख हरियौ भवानी।

डाली मे लाल फूल बैजन्ती हार छै,
गमगम पलाश पात तुलसी पथार छै,
जल्दी दर्शन आशे झटकल एलौं,
दुःख हरियौ भवानी शरण एलौं॥
दुःख हरियौ भवानी।

दुनिया मे शांति रहै सएह हमर मोन मे,
सोझाँ पुजारिन हम बैसल छी कोन मे,
हमर बेर कखन एतै विह्वल भेलौं,
दुःख हरियौ भवानी शरण एलौं॥
दुःख हरियौ भवानी।
अहाँके चरण लेल अलता लेलौं,
दुःख हरियौ भवानी शरण एलौं॥
दुःख हरियौ भवानी।

मंगलवार, 8 अक्टूबर 2024

बाबा यौ जग मूड़न कराय दिअ लिरिक्स - Baba Yau Jag Muran Kara Diya Lyrics

नामि नामि केश मोरा गर्दन पर लौटै
नामि नामि केश मोरा गर्दन पर लौटै
बाबा यौ जग मूड़न कराय दिअ
बाबा यौ जग मूड़न कराय दिअ

मूड़न कराय दिअ, नटुआ नचाय दिअ
मूड़न कराय दिअ, नटुआ नचाय दिअ
दादी यै एगो सोहर सुना दिअ
दादी यै एगो सोहर सुना दिअ
बाबा यौ जग मूड़न कराय दिअ -2

केशो कटा दिअ, उपटन लगा दिअ
केशो कटा दिअ, उपटन लगा दिअ
चाची यै पियर कपड़ा पहिरा दिअ
चाची यै पियर कपड़ा पहिरा दिअ
बाबा यौ जग मूरन कराय दिअ -2

मूड़न करा दिअ, बजना बजा दिअ
मूड़न करा दिअ, बजना बजा दिअ
अम्मा यौ हमरा अपने चुमा दिअ
अम्मा यौ हमरा अपने चुमा दिअ
बाबा यौ जग मूड़न कराय दिअ...

रविवार, 6 अक्टूबर 2024

मोन हारलौं पाहुन लिरिक्स - Mon Harlaun Pahun Song Lyrics

अहाँ मंद-मंद मुसकेलौ जे मोन हारलौं पाहुन,
मोन हारलौं पाहुन,
अहाँ मंद-मंद मुसकेलौ जे मोन हारलौं पाहुन,
मोन हारलौं पाहुन, 
मोन हाईर अहाँ पर जितलौं ई संसार यौ पाहुन,
संसार यौ पाहुन, 
अहाँ मंद-मंद मुसकेलौ जे मोन हारलौं पाहुन,
मोन हारलौं पाहुन

बड़ तेज चमक मुखड़ा पर,
और सुंदर नयन मऽ काजर
बर तेज चमक मुखड़ा पर,
और सुंदर नयन मऽ काजर
अहाँ रखलौ चरण एहि मिथिला मऽ
अहाँ रखलौ चरण एहि मिथिला मऽ
उजियार यौ पाहुन, उजियार यौ पाहुन, 
अहाँ मंद-मंद मुसकेलौ जे मोन हारलौं पाहुन,
मोन हारलौं पाहुन

सीता के भेल स्वयंवर,
छल बड़का बड़का धुरन्धर
सीता के भेल स्वयंवर,
छल बराका बरका धुरन्धर
शिव धनुष उठाय कऽ बनलौं अहाँ
शिव धनुष उठाय कऽ बनलौं अहाँ
परिवार यौ पाहुन, परिवार यौ पाहुन, 
अहाँ मंद-मंद मुसकेलौ जे मोन हारलौं पाहुन,
मोन हारलौं पाहुन

जे मिथिला भेल ससुरारी,
स्वागत में भेटत गारि
जे मिथिला भेल ससुरारी,
स्वागत में भेटत गारि
और खूब मिलत आब परिछन मऽ
दुलार यौ पाहुन, दुलार यौ पाहुन, 
अहाँ मंद-मंद मुसकेलौ जे मोन हारलौ पाहुन,
मोन हारलौं पाहुन...।

स्वर: प्रिया मल्लिक
गीतकार: सूरज कॉर्नर


मैया सजन नयन सं ताकु लिरिक्स Maiya Sajal Nayan Saun Taku Lyrics

मैया सजन नयन सं ताकु
एक बेर हमरा पर,
आस करब हम ककरा पर ना,
मैया सजन नयन सं ताकु
एक बेर हमरा पर,
आस करब हम ककरा पर ना...

मन मे मंदिर एक बनायब,
ओहि में मैया के बैसायब
मन मे मंदिर एक बनायब,
ओहि में मैया के बैसायब
मैया गिद्ध बैसल अछि मन मंदिर के खपड़ा पर,
आस करब हम ककरा पर ना...

हमरा घरो नै घरारी,
देलौं खेती नै पथारी
हमरा घरो नै घरारी,
देलौं खेती नै पथारी
मैया बाल बच्चा सब भूखे मरै यै असरा पर,
आस करब हम ककरा पर ना...

नैहर माई बाप के तेजलौं,
सासुर भाई भैयारी तेजलौं
नैहर माई बाप के तेजलौं,
सासुर भाई भैयारी तेजलौं
मैया अहाँ के शरण मे आयब अहाँ के असरा पर,
आस करब हम ककरा पर ना,
मैया सजन नयन सं ताकु
एक बेर हमरा पर,
आस करब हम ककरा पर ना...।

शनिवार, 5 अक्टूबर 2024

हमर विपता अहिं टा बस जानी लिरिक्स - Hamar Vipata Ahin Ta Bas Jani Lyrics

माँ दुर्गे, जगदम्बा, भवानी
हमर विपता अहिं टा बस जानी -2 
हम पूजय छी नित दिन अहिं के - 2
दुख हरियौ ने हे माता रानी
मा दुर्गे, जगदम्बा, भवानी
हमर विपता अहिं टा बस जानी...2

सब भक्तन के विनती सुनय छी,
अहाँ हमरा दिसन ने ताकय छी 
फूल अड़हुल के माला बना कऽ,
हम नित दिन अहाँ के पूजय छी 
किया रुसल छी हमरा सँ जननी,
कोन गलती केलौ हम अज्ञानी 
मा दुर्गे, जगदम्बा, भवानी
हमर विपता अहिं टा बस जानी...

माँ विराजय छी अहाँ कण-कण में,
हम रखने छी अहाँ के मन में 
जे माँगय से सब किछु भेटय छै,
आश पुरबै छी सबके अहाँ छन में 
चन्द्रघण्टा कहि या कात्यायनी,
सब रुपे में छी माँ कल्यालनी 
मा दुर्गे, जगदम्बा, भवानी
हमर विपता अहिं टा बस जानी
हम पूजय छी नित दिन अहिं के 
दुख हरियौ ने हे माता रानी
मा दुर्गे, जगदम्बा, भवानी
हमर विपता अहिं टा बस जानी...।

रचनाकार: प्रभाकर मिश्र 'ढुन्नी'

भगवती नैना खोलू हे लिरिक्स - Bhagwati Naina Kholu He Song Lyrics

भगवती नैना खोलू हे, आरती द्वार पुकारू,
भगवती नैना खोलू हे
भगवती नैना खोलू हे, आरती द्वार पुकारू,
भगवती नैना खोलू हे

गंगा निकट सं माटि कोरी लायब,
पिरहिया बनायब हे
यमना निकट जल भरि लायब,
यमना निकट जल भरि लायब,
पिरहिया निपायब हे
भगवती नैना खोलू हे,
भगवती नैना खोलू हे, आरती द्वार पुकारू,
भगवती नैना खोलू हे

हलुआई दोकान सं मधुर मंगायब,
भोग लागयब हे
बनियां दोकान सं गुगुल मंगायब,
बनियां दोकान सं गुगुल मंगायब,
धूप देखायब हे,
भगवती नैना खोलू हे,
भगवती नैना खोलू हे, आरती द्वार पुकारू,
भगवती नैना खोलू हे

मलिया आँगन सं मोर मंगायब,
सिर पर टँगायब हे,
पटवा आँगन सं अंचरि मंगायब,
पटवा आँगन सं अंचरि मंगायब,
घुंगरू लागयब हे,
भगवती नैना खोलू हे,
भगवती नैना खोलू हे, आरती द्वार पुकारू,
भगवती नैना खोलू हे
भगवती नैना खोलू हे, आरती द्वार पुकारू,
भगवती नैना खोलू हे...।

कखन उतारब पार हे जननी लिरिक्स - Kakhan Utarab Paar He Janani

कखन उतारब पार हे जननी,
कखन उतारब पार,
कखन उतारब पार हे जननी,
कखन उतारब पार,

अहाँ जगजननी दया केर सागर,
अहाँ जगजननी दया केर सागर,
असत्य सकल संसार हे जननी,
कखन उतारब पार...

हमरा नहि अवलम्ब आन अछि,
हमरा नहि अवलम्ब आन अछि,
अहाँ छी एक अन्हार हे जननी,
कखन उतारब पार...

कतेक करब करुणा हम हिनका,
कतेक करब करुणा हम हिनका,
ई छथि बर रखबार हे जननी,
कखन उतारब पार...

शुक्रवार, 4 अक्टूबर 2024

सब कमरथुआ आबि रहल छी लिरिक्स - Sab Kamrathua Aabi Rahal Chhi Song Lyrics

सब कमरथुआ आबि रहल छी,
सब कमरथुआ आबि रहल छी,
पथ में धूम मचाय, 
जपै छी ओम नमः शिवाय,
जपै छी ओम नमः शिवाय,
सब कमरथुआ आबि रहल छी,
सब कमरथुआ आबि रहल छी,
पथ में धूम मचाय, 
सब कमरथुआ आबि रहल छी,
सब कमरथुआ आबि रहल छी

माँ गंगा सं जल भरी अनलौं,
अहिं के भरोसे कांवर उठेलौ
माँ गंगा सं जल भरी अनलौं,
अहिं के भरोसे कांवर उठेलौ,
छन मन आगा छन मन पाँछा,
खन मन आगा खन मन पाँछा,
कान्हा गेल आगियै,
जपै छी ओम नमः शिवाय,
जपै छी ओम नमः शिवाय,
सब कमरथुआ आबि रहल छी,
सब कमरथुआ आबि रहल छी,
पथ में धूम मचाय, 
जपै छी ओम नमः शिवाय,
जपै छी ओम नमः शिवाय

रौद लागै यै पैर पाकै यै,
आंकर पाथर सेहो गरै यै
रौद लागै यै पैर पाकै यै,
आंकर पाथर सेहो गरै यै,
ऊंच पहाड़ के देखीते बाबा,
ऊंच पहाड़ के देखीते बाबा,
मोन होय यै घुरि जाय,
जपै छी ओम नमः शिवाय,
जपै छी ओम नमः शिवाय,
सब कमरथुआ आबि रहल छी,
सब कमरथुआ आबि रहल छी,
पथ में धूम मचाय, 
जपै छी ओम नमः शिवाय,
जपै छी ओम नमः शिवाय

सांझ परल जंगल बिच परलौ,
बाट आहाँ के सेहो बिसरलौ
सांझ परल जंगल बिच परलौ,
बाट आहाँ के सेहो बिसरलौ
डर सं थर-थर देह कपै यै,
डर सं थर-थर देह कपै यै
भैरव दियऽ पठाय,
जपै छी ओम नमः शिवाय,
जपै छी ओम नमः शिवाय,
सब कमरथुआ आबि रहल छी,
सब कमरथुआ आबि रहल छी,
पथ में धूम मचाय, 
जपै छी ओम नमः शिवाय,
जपै छी ओम नमः शिवाय...।

स्वर: शारदा सिन्हा

गुरुवार, 3 अक्टूबर 2024

केहेन शुभ दिन अछि ई माँ लिरिक्स - Kehen Shubh Din Achhi Ee Maa Lyrics

केहेन शुभ दिन अछि ई माँ
एलौं आहाँ हमर अंगना

एक दिस मुस्काबथि माँ लक्ष्मी,
गुन-गुन गावथी मातु सरस्वती,
धैल संग दु टा ललना,
केहेन शुभ दिन अछि ई माँ

प्रथमेहि हिनकर चरण पखारब,
आँचर सं कुश के आसन झारब,
देबैन नबेद थार भरी ना,
केहेन शुभ दिन अछि ई माँ

अहाँ के पुजारी बनी माँ शेरावालि,
भरी लिय सबटा दोख हे काली,
रंग दिय भक्ति मोन रँगना,
केहेन शुभ दिन अछि ई माँ

भाओल जिनका अहाँ के भक्ति,
देलौं ज्ञानक वर हे माँ शक्ति,
पावन ओ दर्शन एहि जग ना,
केहेन शुभ दिन अछि ई माँ

गीतकार: मोहन दर्शन
स्वर: रजनी पल्लवी

हे जगजननी हे दयामयी लिरिक्स - He Jagjanani He Dayamayi Lyrics

हे जगजननी हे दयामयी,
हम गीत प्रीत के गाउ कोना

अछि राग हृदय में मलिन भेल,
अहिबातक पातिल दीप जेना
प्रिये भाव बिना नही प्रेम भक्ति
अपनेक चरण लऽग आबु कोना
हे जगजननी हे दयामयी

संसार सुपरिचित अपने सं,
हम निपट परिचित छी अम्बे
ज्ञानक प्रकाश दऽ सुझा दीय,
अपने बिनु होयत बिकास कोना
हे जगजननी हे दयामयी

युग युग संचित अभिलाषा हमर,
हे देवी होयत कहु पूर्ण कोना
आधे विकसित जीवन लऽ कऽ,
होयत विकास से आब कोना
हे जगजननी हे दयामयी

जीवन के उदय प्रखर भऽ के,
अवसानक देश जे जा रहलै
बिनु अहाँक सिनेह के हे जननी,
प्रतिकार एकर पुनि होयत कोना
हे जगजननी हे दयामयी

बढ़िते बढ़िते पथ भटकी गेलौं,
अंगा अछि विकट अन्हार जेना
अछि अंधकार हिये मंदिर में,
होयत प्रदीप बिनु ज्योति कोना
हे जगजननी हे दयामयी

रचनाकार: मैथिली पुत्र प्रदीप (प्रभुनारायण झा)

मोन भैर माँ नै देखलौं लिरिक्स - Mon Bhair Maa Nai Dekhlau Lyrics

मोन भैर माँ नै देखलौं,
सुनलऊ जे चलि जेबैं,
मोन भैर माँ नै देखलौं,
सुनलऊ जे चलि जेबैं,
एक आस माँ आहीं स कहू हम कोना क जीबै,
मोन भैर माँ नै देखलौं…

आहां बिना हे अम्बे कोना क दिन बितेलौं,
पाथर बनल हे जननी एको बेर घुरी ने देखलौं,
आहां बिना हे अम्बे कोना क दिन बितेलौं,
पाथर बनल हे जननी एको बेर घुरी ने देखलौं,
पोरे स हम कनै छी आरो कते कनेबै,
एक आस माँ आहीं स कहू हम कोना क जीबै,
मोन भैर माँ नै देखलौं…

कियो कहै या टुअर कियो कहै ये पगला,
आहां के रहितो जननी बुझैये जग अभगला,
कियो कहै या टुअर कियो कहै ये पगला,
आहां के रहितो जननी बुझैये जग अभगला,
माधव के दुःख में छोइर आहां कोना क जेबै,
एक आस माँ आहीं स कहू हम कोना क जीबै,
मोन भैर माँ नै देखलौं…

कालिया के दिश तकलियै कालिदास नाम देलियै,
हम केलौं कोन गलती सब दिन आहां ठकलियै,
कालिया के दिश तकलियै कालिदास नाम देलियै,
हम केलौं कोन गलती सब दिन आहां ठकलियै,
कोना रहत रमेंद्र अहि बेर छोरि जे जेबै,
एक आस माँ आहीं स कहू हम कोना क जीबै,
मोन भैर माँ नै देखलौं.

स्वर : माधव राय

जय शिव प्रिये शंकर प्रिये जय मंगले मंगल करू लिरिक्स - Jai Shiv Priye Shankar Priye Song Lyrics

जय शिव प्रिये शंकर प्रिये जय मंगले मंगल करू।
जय अम्बिके जय त्र्यम्बिके जय चण्डिके मंगल करू।।

अनन्त शक्तिशालिनी अमोघ शस्त्रधारिणी।
निशुम्भ - शुम्भ मर्द्दिनी त्रिशूल - चक्र-पाणिनी।।
जय भद्रकालि - भैरवी जय भगवती मंगल करू।
जय वैष्णवी विश्वम्भरी जय शाम्भवी मंगल करू।।

कराल मुख कपालिनी विशाल मुण्डमालिनी।
असीम अट्टहासिनी त्रिमूर्त्ति सृष्टिकारिणी।।
हे ईश्वरी परमेश्वरी सर्वेश्वरी मंगल करू।
कात्यायिनी नारायणी माहेश्वरी मंगल करू।।

प्रकृति अहीँ सुकृति अहीँ दया अहीँ क्षमा अहीँ।
स्वधा अहीँ छटा अहीँ कला अहीँ प्रभा अहीँ।।
दुखहारिणी सुखकारिणी हे पार्वती मंगल करू।
हे ललित शक्ति प्रदायिनी सिद्धेश्वरी मंगल करू।।

जय शिव प्रिये शंकर प्रिये जय मंगले मंगल करू।
जय अम्बिके जय त्र्यम्बिके जय चण्डिके मंगल करू।।

प्रीत केना नै हैत लिरिक्स - Preet Kena Nai Hait Lyrics

Seethal Kesak Kaari Dhaar Song Lyrics

सीथल केसक कारी धार
चमकि रहल छैन्ह खूब लिलार
पीयर टिकुली साज सिंगार
आँखि में डुबीके भऽ जाउ पर
ठमकि ठमकि कऽ देखि लिय
प्रीत केना नै हैत
ललकि ललकि कऽ देखि लिय'
प्रीत केना नै हैत

हरियर तितली डैरे डैर
फूल आ पात सं करि दुलाइर
ओम्हर चलु ने कात किनौर
मोन सं बाँधु प्रेमक ताइर
समभैर-समभैर कऽ देखि लिय'
प्रीत केना नै हैत
ललकि ललकि कऽ देखि लिय'
प्रीत केना नै हैत

कल-कल, छल-छल
हँसी ठहाक छियै
ठोरक लाली पान जँका
ऐ मिथिला सन सुंदर नै
पोखर पाग मखान जँका
अपन प्रेमक नगरी
जानकी जी के धाम जँका
अहाँ बसल मोन मे
सीता के मोन मे राम जँका...
सीथल केसक कारी धार
चमकि रहल छैन्ह खूब लिलार
पीयर टिकुली साज सिंगार
आँखि में डुबीके भऽ जाउ पर
ठमैक-ठमैक कऽ देखि लिय'
प्रीत केना नै हैत
ललकि ललकि कऽ देखि लिय'
प्रीत केना नै हैत

गीतकार: अविनाश दास
स्वर: भास्वती चक्रवर्ती
संगीत: आशुतोष सिंह
फिल्म: मिथिला मखान (मैथिली)

मंगलवार, 1 अक्टूबर 2024

अम्बे आब उचित नहीं देरी लिरिक्स - Ambe Ab Uchit Nahi Deri Lyrics

अम्बे आब उचित नहीं...
अम्बे आब उचित नहीं देरी !

अम्बे आब जमदुत पहुचि गेल, 
पाएर परल अछि बेरी।
मित्र बंधु सब टक-टक तकथी, 
नहीं सहाय एही बेरी।

योग, यग्य, जप कय नहीं सकलो, 
परलहू कलक फेरी।
केवल द्वन्द, फंद में फंसी कय, 
पाप बटोरल ढेरी।

नाम उचारब दुस्तर भय गेल, 
कंठ लेल कफ घेरी।
एक उपाय सूझे अछि अम्बे, 
अहाँ नयन भरी हेरी।

सुद्ध भजन तुए हे जगदम्बे, 
देव बजाबथी भेरी।
‘लक्ष्मीपति’ करुनामयी अम्बे, 
विसरहू चुक धनेरी।

रचनाकार: लक्ष्मीनाथ गोसाई

एक बेर हर हमरो दिस हेरू | Ek Ber Har Hamaro Dish Heru

एक बेर हर हमरो दिस हेरू
पार्वती पति दारिद्र फेरू

करियो अनुग्रह निज जन जानि
होऊ सहाय शिव सहित भवानी
एक बेर हर हमरो

काम, क्रोध, मद रिपु के जारू
लोभ, मोह, ममता सब टारू
एक बेर हर

दुख भंजन, जन रंजन शंकर
संत सुधाकर दुष्ट भयंकर
एक बेर हर

निज जन जानि धरू करुआर
लक्ष्मीपति हर पार उतारू
एक बेर हमरा

रचनाकार: लक्ष्मीनाथ गोसाई