गंगा स्तुतिबड़ सुखसार पाओल तुअ तीरेविद्यापति शिव भजन, नचारी ● गौरी के वर देखि बड़ दुःख भेल● जगत विदित बैद्यनाथ, सकल गुण आगर हे ● आगे माई, जोगिया मोर जगत सुखदायक● बर अजगुत देखल तोर अंगना● आजु नाथ एक व्रत महा सुख लागल हे● शिव हो उतरब पार कओने विधि● शिव हेरब तोर बटिया कतेक दिनमा● हटलो ने मानय त्रिपुरारी हो● देखू सखि दाइ माइ● आजु सदाशिव शंकर हर के देखलौं गे माइ● नाहि करब बर हर निरमोहिया● आगे माई एहन उमत बर लाइलविद्यापति कृष्ण भजन● माधव हम परिणाम निराशा● कुंज भवन सं निकसलि रे● माधव कत तोर करब बड़ाई● नन्दनक नन्दन कदम्बक तरु तर● कान्ह हेरल छल मन बड़ साध● माधव ई नहि उचित विचार● जखन लेल हरि कंचुअ अचोडि● चानन भेल विषम सर रे, भूषन भेल भारी● हम एकसरि, पिअतम नहि गाम● बड़ि जुड़ि एहि तरुक छाहरि● परतह परदेस, परहिक आस● आदरे अधिक काज नहि बन्ध● सखि हे, आज जाएब मोहि● हरी के मोहनी मुरतीया में मोन लागल हे सखी● भजु राधे कृष्णा गोकुल में अबध-बिहारी● जखन लेल हरि कंचुअ अचोडि● माधव हमर रटल दुर देस● पहिलें बदरि कुच पुन नवरंग● पहिले बदरि कुच पुन नवरंग● माधब तोहें जनु जाह बिदेस● माधव कठिन हृदय परवासी।विद्यापति मैथिली भजन ● तीलक लगौने धनुष कान्ह पर● सबरी के बैर सुदामा के तण्डुल● सीताराम सँ मिलान कोना हैत● सबरी के अंगना में साधु-संत अयलखिन्ह● सुनु मोरा साजन हे● ए हरि, बंदओं तुअ पद नाएबटगवनी गीत सबलट छल खुजल बयस सजनी गेफरल लवंग दूपत भेल सजनी गे ई दिन बड़ दुर्लभ छल सजनी गे तरुणि बयस मोही बीतल सजनी गे नव जौबन नव नागरि सजनी गेविबाहक गीत● मचिये बैसल तोहें राजा हेमन्त ॠषि● अयलऊँ हे बड़का बाबाप्रतिनिधि रचना सब● क्यों देर करती श्रीभवानी● आदरें अधिक काज नहि बंध● ससन-परस रबसु अस्बर रे देखल धनि देह● जाइत देखलि पथ नागरि सजनि गे● मानिनि आब उचित नहि मान● हिल बदरि कुच पुन नवरंग● रति-सुबिसारद तुहु राख मान● दुहुक संजुत चिकुर फूजल● प्रथमहि सुंदरि कुटिल कटाख● आहे सखि आहे सखि लए जनि जाह● हम जुवती, पति गेलाह बिदेस● सैसव जौवन दुहु मिलि गेल● जौवन रतन अछल दिन चारि● अभिनव कोमल सुन्दर पात● जाइत पेखलि नहायलि गोरी● के पतिआ लए जाएत रे ● कि कहब हे सखि आजुक रंग● कुच-जुग अंकुर उतपत् भेल● कि कहब हे सखि रातुक बात● चानन भेल विषम सर रे● कंटक माझ कुसुम परगास● नव यौवन अभिरामा● तातल सैकत वारि विन्दु सम सुत मित (शांति पद)● सासु जरातुरि भेली● सामरि हे झामरि तोर दहे ● आजु दोखिअ सखि बड़ अनमन सन● कामिनि करम सनाने ● अम्बर बदन झपाबह गोरि● चन्दा जनि उग आजुक राति● ए धनि माननि करह संजात● सजनी कान्ह कें कहब बुझाइ● अभिनव पल्लव बइसंक देल● सरसिज बिनु सर सर बिनु सरसिज● लोचन धाय फोघायल हरि नहिं आयल रे● आसक लता लगाओल सजनी● के पतिआ लए जाएत रे● जनम होअए जनु, जओं पुनि होइ● सखि, कि पुछसि अनुभव मोय● सखि हे हमर दुखक नहि ओर● उचित बसए मोर मनमथ चोर● सुनु रसिया आब न बजाऊ ● दुल्लहि तोर कतय छथि माय● सैसव जौवन दरसन भेल● आहे सधि आहे सखि लय जनि जाह● भल हर भल हरि भल तुअ कला खन● चाँद-सार लए मुख घटना करू● चल देखए जाऊ ऋतु बसंत● लोचन नीर तटिनि निरमाने● हर जनि बिसरब मो ममिता● कामिनि करए सनाने● जहाँ-जहाँ पद-जुग धरई● पीन पयोधर दूबरि गता● सुंदरि तुअ मुख मंगल दाता● अंकुर तपन ताप जदि जारब● कि कहब है सखि आजुक विचार● की हम साँझक एक सरि तारा● नब बृंदाबन नब-नब तरुगनबसंत-शोभा गीत● आएल रितुपति राज बसंतभुइयां के गीत● कोने लोक आहे भूईयां लकड़ी चुनै छी आहे राम ● हई कुसुम बेली चढ़ई ताके मईया गे सुरेसरीबिरह गीत● सखी हम जीबन कोना कटबई● विद्यापति बिसहरि गीतबारहमासा गीत● साओनर साज ने भादवक दही● चानन रगड़ि सुहागिनी हे गेले फूलक हार● प्रीतम हमरो तेजने जाइ छी परदेशिया यौ● चैत मास गृह अयोध्या त्यागल● अगहन दिन उत्तम सुख-सुन्दर● चोआ चानन अंग लगाओल कामीनि कायल किंशगार
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